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जेकेसीए घोटाला: फारूक अब्दुल्ला और अन्य आरोपियों के खिलाफ अब होगी कानूनी कार्रवाई, ED को नहीं मिली अनुमति
Fri, 06 Mar 2026 02:08 PM IST
Nikita Gupta
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
Published by: Nikita Gupta
Updated Fri, 06 Mar 2026 02:08 PM IST
सार
श्रीनगर की अदालत ने जेकेसीए घोटाले में फारूक अब्दुल्ला और अन्य आरोपियों पर धारा 120-B, 406 और 409 के तहत चार्ज तय करने का आदेश दिया। अदालत ने ईडी की याचिका को खारिज करते हुए कहा कि सीबीआई ने कोई निर्धारित अपराध चार्जशीट में नहीं शामिल किया है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
श्रीनगर की स्थानीय अदालत ने नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला और अन्य आरोपियों के खिलाफ कथित जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (जेकेसीए) घोटाले में आरोप तय करने का आदेश दिया है।
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मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट तबस्सुम ने पांच पृष्ठों के आदेश में कहा कि मामला 12 मार्च, 2026 को आरोप तय करने के लिए सूचीबद्ध किया जाए। इसके बाद मुख्य गवाहों (अभियोगियों संख्या 3 और 6) के बयान साक्ष्य के रूप में दर्ज किए जाएंगे। अदालत ने कहा कि यदि वे अपने बयान से पलटते हैं तो उचित आदेश जारी किए जाएंगे।
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अदालत ने एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ईडी) की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें उसे मामले में पक्षकार बनाया जाने की मांग की गई थी। अदालत ने कहा कि चूंकि यह मामला सीबीआई द्वारा जांच मामला दायर और अभियोजन किया गया है, और चार्जशीट में कोई निर्धारित अपराध शामिल नहीं है इसलिए ईडी का इसमें कोई कानूनी अधिकार नहीं है।
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अदालत ने यह भी कहा कि ईडी की याचिका अस्पष्ट और विरोधाभासी थी। याचिका में भारतीय दंड संहिता की अब निरस्त धारा 411 और 414 के जुड़वाने की मांग की गई थी जो 1 जुलाई 2024 से लागू नहीं हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि ईडी का अधिकार मुख्य रूप से मनी लॉन्ड्रिंग की जांच तक सीमित है, और इसे केवल उस अपराध के आधार पर कार्रवाई करने की शक्ति है जिसे विधिक रूप से साबित किया गया हो।
आरोप तय करने के संबंध में अदालत ने कहा कि रनबीर पेनल कोड (आरपीसी) की धारा 120-B, 406 और 409 के तहत अपराध के आवश्यक तत्व प्रारंभिक तौर पर आरोपियों के खिलाफ पाए गए हैं। इसलिए अदालत ने आदेश दिया कि आरोपियों के खिलाफ इन अपराधों के लिए चार्ज लगाए जाएं। हालांकि, मामले की सुनवाई के दौरान साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर किसी भी समय अतिरिक्त आरोप जोड़े जा सकते हैं।