Amarnath: यात्रा गान से लेकर डिजिटल पोर्टल तक...स्वच्छ अमरनाथ यात्रा की नई पहल; ऐप और वेबसाइट से मिलेगी सुविधा
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बालटाल में अमरनाथ यात्रा के लिए शून्य अपशिष्ट अभियान और व्यापक आईईसी पहलों का शुभारंभ किया। यात्रा मार्गों पर स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए हजारों शौचालय, सफाई कर्मचारी और अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र स्थापित किए गए हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोमवार को बालटाल की यात्रा के दौरान शून्य अपशिष्ट के लिए ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग के ग्रामीण स्वच्छता निदेशालय के व्यापक आईईसी (सूचना, शिक्षा और संचार) अभियान और विभिन्न अभिनव पहलों का शुभारंभ किया।
इन पहलों में यात्रा लोगो, यात्रा गान, अभियान वेबसाइट और एमआईएस पोर्टल, त्रिनेत्र एप, पैम्फलेट और यात्रा दिशा निर्देश, यात्रा शुभंकर और आईईसी टूलकिट शामिल हैं। शुरू की गई इन पहलों का उद्देश्य टिकाऊ प्रथाओं को बढ़ावा देना, स्वच्छता के मुद्दों का समाधान करना, सत्यापित जानकारी साझा करना और बालटाल और पहलगाम मार्गों पर फीडबैक के माध्यम से यात्रियों को जोड़ना है, जिसका लक्ष्य शून्य लैंडफिल यात्रा प्राप्त करना है।
यात्रा मार्ग पर लंगर आयोजकों, दुकानदारों और सेवा प्रदाताओं के लिए तैयार किए गए पैम्फलेट और यात्रा दिशा निर्देश अपशिष्ट न्यूनीकरण सुनिश्चित करने, एकल-उपयोग वाले प्लास्टिक को बढ़ावा न देने और एसबीएम-जी मानदंडों को लागू करने पर केंद्रित हैं।
ग्रामीण स्वच्छता महानिदेशक अनु मल्होत्रा ने यात्रा को और अधिक टिकाऊ बनाने के लिए विभाग द्वारा किए गए समर्पित उपायों के बारे में उपराज्यपाल को जानकारी दी। बताया गया कि विभाग ने दोनों मार्गों पर कुल 5613 शौचालय/स्नानघर स्थापित किए हैं, जिनमें से 2920 पहलगाम मार्ग पर और 2693 बालटाल मार्ग पर हैं। इसके अलावा, इन स्वच्छता इकाइयों की सफाई सुनिश्चित करने के लिए 7361 सफाई कर्मचारी तैनात हैं। विभाग ने दोनों मार्गों पर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए 15 प्रसंस्करण सुविधाएं भी स्थापित की हैं।