विदेशियों पर भी बाबा बर्फानी का रंग: अमेरिकी यात्री बोले- ये यात्रा स्वपन जैसी, जानें क्यों आए विवेकानंद याद
बाबा बर्फानी की यात्रा पर आए दो अमेरिकी नागरिकों ने बताया कि वे पहली बार इस यात्रा पर पहुंचे हैं और यहां सब देख उन्हें किसी नामुमकिन सपने के सच होने जैसा लग रहा है।
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श्री अमरनाथ की वार्षिक यात्रा जारी है। बिगड़े मौसम ने यात्रा में कुछ अड़चनें लाईं, लेकिन भोले के भक्तों का उत्साह भरपूर बना हुआ है। जम्मू के आधार शिविर भगवती नगर से मंगलवार को तीन दिन बाद यात्रियों का जत्था कश्मीर घाटी के लिए रवाना हुआ। उधर, बालटाल और पहलगाम आधार शिविर से पवित्र गुफा के लिए श्रद्धालुओं रवाना किए गए। इसी बीच विदेशी नागरिक भी श्री अमरनाथ की यात्रा के लिए पहुंच रहे हैं।
बाबा बर्फानी की यात्रा पर आए दो अमेरिकी नागरिकों ने बताया कि वे पहली बार इस यात्रा पर पहुंचे हैं और यहां सब देख उन्हें किसी नामुमकिन सपने के सच होने जैसा लग रहा है। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद भी इस यात्रा पर आए थे। वह 40 साल से इस बात को जानते हैं, लेकिन अब बाबा भोले की कृपा से वे इस यात्रा का हिस्सा बन पाए हैं। दोनों यात्री अमेरिका के कैलिफोर्निया क्षेत्र के रहने वाले हैं।
एक अमेरिकी यात्री ने कहा, 'हम कई वर्षों से इस यात्रा पर आने की योजना बना रहे थे। अभी इस यात्रा पर आकर बहुत खुश हैं। यहां पर सभी कुछ अच्छे से इंतजाम किया गया है। कई वर्षों से मीडिया आदि से इस यात्रा के बारे में जान रहे थे।
#WATCH | Two US nationals from California, undertake Amarnath Yatra in J&K.
They say, "...Swami Vivekananda came to Amarnath, he had a very important experience. I have known of this story for 40 years...It seemed impossible & was a dream to come here. But by Bholenath's grace,… pic.twitter.com/rY1UIhVtu5 — ANI (@ANI) July 11, 2023
अन्य यात्री ने कहा, 'स्वामी विवेकानन्द भी श्री अमरनाथ की यात्रा पर आए थे। उन्हें बहुत महत्वपूर्ण अनुभव प्राप्त हुआ। मैं इस कहानी को 40 वर्षों से जानता हूं। यहां आना असंभव लग रहा था और एक सपना था। लेकिन भोलेनाथ की कृपा से सब कुछ हो गया एक साथ हम यहां हैं। हम बता नहीं सकते कि हम कैसा महसूस कर रहे हैं।'
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अमरनाथ यात्री आमतौर पर हर दिन सुबह 3.45 से 4.30 बजे के बीच जम्मू से निकलते हैं। यात्रा के रुकने से लगभग 15,000 तीर्थयात्री जम्मू और अन्य स्थानों पर ठहरे हुए थे। उधर, दर्शन करके लौट रहे यात्रि घाटी के काजीगुंड में ठहरे हुए थे, जिन्हें जम्मू की ओर जाने की अनुमति दी गई है। यात्रा स्थगित होने के कारण, लगभग 8 हजार तीर्थयात्री जम्मू, विशेषकर भगवती नगर आधार शिविर में रुके हुए थे।
इसी तरह रामबन जिले के चंद्रकोट आधार शिविर में लगभग 6 हजार तीर्थयात्री रुके हुए थे। कठुआ और सांबा शिविरों में लगभग 2 हजार तीर्थयात्री रुके हुए थे।
दक्षिण कश्मीर हिमालय में 3,888 मीटर की ऊंचाई पर स्थित अमरनाथ गुफा मंदिर की 62 दिवसीय वार्षिक तीर्थयात्रा 1 जुलाई से शुरू हुई। 30 जून से अब तक सात जत्थों में कुल 43,833 तीर्थयात्री जम्मू आधार शिविर से गुफा मंदिर के लिए प्रस्थान कर चुके हैं। तीर्थयात्रा 31 अगस्त को समाप्त होगी।