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Kashmir: गुरेज घाटी के चक नाले में दिखाई दिया हिमालयन आइबेक्स, संरक्षण विशेषज्ञों की निगाहें तुलेल पर
Sun, 14 Dec 2025 12:10 PM IST
निकिता गुप्ता
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
Published by: निकिता गुप्ता
Updated Sun, 14 Dec 2025 12:10 PM IST
सार
गुरेज घाटी के चक नाले में हिमालयन आइबेक्स देखा गया, जो लुप्तप्राय प्रजाति के लिए स्थिर और स्वस्थ ऊंचे पहाड़ी इकोसिस्टम का संकेतक माना जाता है। वन्यजीव विभाग ने लोगों से इसे परेशान न करने की अपील की है और संरक्षण रणनीतियों की समीक्षा पर विचार किया जा रहा है।
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गुरेज घाटी में नजर आया हिमालयन आइबेक्स।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जिले की गुरेज घाटी के संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्र तुलेल इलाके के चक नाले में एक हिमालयन आइबेक्स (जंगली बकरी) देखा गया है। यह प्रजाति आमतौर पर सर्दी के महीनों में झुंड में देखी जाती है। उत्तरी कश्मीर के इस हिस्से के लिए असामान्य बताई जा रही इस घटना ने वन्यजीव प्रेमियों और संरक्षण विशेषज्ञों में उत्साह जगाया है। हिमालयन आइबेक्स को घुमावदार सींगों और खड़ी और पथरीली जगहों पर चलने की क्षमता के लिए जाना जाता है। इसे स्थिर और स्वस्थ ऊंचे पहाड़ी इकोसिस्टम का मुख्य संकेतक माना जाता है।
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क्षेत्र से परिचित अधिकारियों ने बताया कि लुप्तप्राय प्रजाति की उपस्थिति गुरेज घाटी के कुछ हिस्सों में बेहतर होते आवास की स्थिति और इंसानी दखल में तुलनात्मक कमी को दर्शाती है। इलाके की ऊबड़-खाबड़ जमीन, अल्पाइन वनस्पति और सीमित मानवीय गतिविधि इस प्रजाति के जीवित रहने और प्रजनन के लिए अनुकूल माहौल प्रदान करती है।
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बांदीपोरा में वाइल्डलाइफ के ब्लॉक ऑफिसर तनवीर अहमद लोन ने गुरेज घाटी में इनके देखे जाने की पुष्टि की है। साफ किया कि चक नाले में हिमालयन आइबेक्स को कई बार देखा गया है। तनवीर ने साफ किया कि देखा गया जानवर मार्खोर नहीं था। मार्खोर केवल उत्तरी कश्मीर के लिम्बर-काज़िनाग वन्यजीव अभयारण्य में पाया जाता है। हिमालयन आइबेक्स गुरेज क्षेत्र में व्यापक रूप से मौजूद है।
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निचले इलाकों में हिमालयन आइबेक्स के देखे जाने का संबंध काफी हद तक बदलते जलवायु परिस्थितियों से है। जैसे-जैसे मौसम का मिजाज बदलता है और बर्फबारी शुरू होती है जानवर ऊंचे इलाकों से निचले क्षेत्रों में उतरने लगते हैं। तनवीर अहमद लोन ने गुरेज घाटी के निवासियों से हिमालयन आइबेक्स के परेशान न करने की अपील की है।
हिमालयन आइबेक्स संरक्षित प्रजाति है जो वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की अनुसूची के तहत लिस्टेड है। वन्यजीव विभाग के अधिकारियों ने कहा कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और लंबे समय तक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इलाके में संरक्षण रणनीतियों की समीक्षा की जा सकती है।