{"_id":"5290c8f9eec79dff3b2e04d8092bb4a5","slug":"the-daily-cross-the-river-to-keep-niagara-rural-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रोजाना जान हथेली पर रख कर नदी पार करते हैं ग्रामीण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रोजाना जान हथेली पर रख कर नदी पार करते हैं ग्रामीण
पुंछ/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 04 Jan 2016 12:37 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिले की सुरनकोट तहसील के गांव मनेई और चंडीमाड़ा के बीच बहने वाली सुरन नदी पर पुल नहीं होने के चलते हर दिन गांव के सैकड़ाें लोग अपनी जान हथेली पर रख कर गांव के बाहर आवाजाही करते हैं।
विज्ञापन
नदी पर आज तक पुल नहीं बनाए जाने के चलते खुद को अन्य क्षेत्रों से जोडे़ रखने के लिए ग्रामीणों द्वारा लकड़ी के दो शहतीर नदी के आर पार डाले गए हैं, जिन पर से गुजर कर लोग नदी पार करते हैं।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने बताया कि इस बारे में प्रशासन और सरकार को कई बार अवगत करवाया गया लेकिन किसी ने इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया। इस लड़की के पुल पर पांव फिसलने से कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।
विज्ञापन
चंडीमाडा से मनेई के बीच नदी पर आज तक झूल पुल नहीं बनवाए जाने पर ग्रामीण प्रवीन अख्तर, मारूफ हुसैन, बरकत हुसैन, साबिया कौसर ने कहा कि मनई और उसके आसपास के करीब आधा दर्जन गांव की करीब छह हजारा आबादी इन शहतीरों से हर दिन नदी के आर पार होते हैं और बरसात के दिनों में जब पानी बढ़ जाता है तो लोगों की आवाजाही बंद हो जाती है।
ऐसे में लोग जरूरी काम होने पर भी बाहर नहीं जा पाते हैं। ऐसे दिनों में सबसे ज्यादा समस्या नौकेरी पेशा लोगों को होती है। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द नदी पर पुल बनवाने की मांग की है।