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Rajouri News: मिड डे मील बनाने वाले रसोइयों ने किया प्रदर्शन
Sat, 14 Jun 2025 02:36 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, राजौरी
संवाद न्यूज एजेंसी, राजौरी
Updated Sat, 14 Jun 2025 02:36 AM IST
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वेतन बढ़ाने और स्थायी करने की मांग पर बुलंद की आवाज
संवाद न्यूज एजेंसी
राजोरी। ज़िले के कोटरंका ख्वास शिक्षा जोन के अंतर्गत पड़ने वाले कई सरकारी स्कूलों में मिड डे मील बनाने वाले रसोइयों ने वेतन बढ़ाने और बकाया वेतन देने के अलावा जल्द स्थायी करने की मांग पर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन कर रहे रसोइयों अब्दुल रशीद, मोहम्मद ताज, दिलनाज अहमद ने कहा कि कई वर्ष पहले उन्होंने स्कूल भवन बनाने के लिए अपनी ज़मीनें शिक्षा विभाग को दी थी। तब हमें यह आश्वासन दिया गया था कि ज़मीन के बदले परिवार के एक सदस्य को नौकरी यानी कूक के पद पर भर्ती किया जाएगा। लेकिन अब तक न ही हमें स्थायी किया गया न ही ज़मीन का मुआवजा आदि दिया गया। कहा कि उन्हें 10 से 12 साल पहले मिड डे मील बनाने के लिए कुक के पद पर नियुक्त किया गया था। इतने सालोें से 1000 रुपये प्रति माह वेतन दिया जा रहा है। यह भी कई बार नहीं मिलता। तीन से चार महीने तक हमें वेतन नहीं दिया जाता। वेतन में कोई बढ़ोतरी नहीं की जा रही है। 20 ऐसे सरकारी स्कूल हैं, जिनके रसोइयों ने प्रदर्शन किया है। चेतवनी दी कि जल्द ठोस कदम नहीं उठाया गया, अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। इस संबंध में सीईओ ने बताया कि रसोइयों के वेतन को बढ़ाने और स्थायी करने के लिए उच्च अधिकारियों को लिखा गया है। अब निर्णय उन्हें लेना है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
राजोरी। ज़िले के कोटरंका ख्वास शिक्षा जोन के अंतर्गत पड़ने वाले कई सरकारी स्कूलों में मिड डे मील बनाने वाले रसोइयों ने वेतन बढ़ाने और बकाया वेतन देने के अलावा जल्द स्थायी करने की मांग पर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन कर रहे रसोइयों अब्दुल रशीद, मोहम्मद ताज, दिलनाज अहमद ने कहा कि कई वर्ष पहले उन्होंने स्कूल भवन बनाने के लिए अपनी ज़मीनें शिक्षा विभाग को दी थी। तब हमें यह आश्वासन दिया गया था कि ज़मीन के बदले परिवार के एक सदस्य को नौकरी यानी कूक के पद पर भर्ती किया जाएगा। लेकिन अब तक न ही हमें स्थायी किया गया न ही ज़मीन का मुआवजा आदि दिया गया। कहा कि उन्हें 10 से 12 साल पहले मिड डे मील बनाने के लिए कुक के पद पर नियुक्त किया गया था। इतने सालोें से 1000 रुपये प्रति माह वेतन दिया जा रहा है। यह भी कई बार नहीं मिलता। तीन से चार महीने तक हमें वेतन नहीं दिया जाता। वेतन में कोई बढ़ोतरी नहीं की जा रही है। 20 ऐसे सरकारी स्कूल हैं, जिनके रसोइयों ने प्रदर्शन किया है। चेतवनी दी कि जल्द ठोस कदम नहीं उठाया गया, अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। इस संबंध में सीईओ ने बताया कि रसोइयों के वेतन को बढ़ाने और स्थायी करने के लिए उच्च अधिकारियों को लिखा गया है। अब निर्णय उन्हें लेना है।
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