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सेना ने ड्रगअवेयरनेस कार्यक्रम का आयोजन किया।
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सेना ने ड्रगअवेयरनेस कार्यक्रम का आयोजन किया।
- फोटो : RAJOURI
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राजोरी। सीमावर्ती गांवों में युवाओं को नशीली दवाओं के सेवन से दूर रहने के लिए प्रेरित करने के मकसद से सेना ने जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया।
केरी सेक्टर में सेना की केरी बटालियन ने कई गांवों के युवाओं और स्थानीय लोगों को व्याख्यान के दौरान नशीली दवाओं के दुरुपयोग के पहलुओं के बारे में जागरूक किया। इसमें नशीली दवाओं के प्रकार और स्वास्थ्य, परिवार और समाज पर उनके प्रतिकूल प्रभाव शामिल हैं। चर्चा के दौरान नशीली दवाओं के सेवन से दूर रहने पर जोर देने के साथ साथ इसके लक्षण, उपचार और पुनर्वास के बारे में बताया गया। व्याख्यान का संचालन सेना के एक अधिकारी ने किया। इसमें बताया गया कि कैसे नशा तस्कर शुरू में कम कीमत पर नशे की आपूर्ति कर युवाओं को नशे के दुष्चक्र में धकेल कर उनके जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं और एक बार जब व्यक्ति इसका आदी हो जाता है, तो उसका फायदा उठाने के लिए उसका शोषण करता है।
कार्यक्रम का समापन प्रश्नोत्तर सत्र के साथ हुआ, जिसमें छात्रों की भागीदारी आगामी थी। स्थानीय लोगों ने इस तरह की गतिविधियों के आयोजन में सेना के प्रयासों की सराहना की जो जागरूकता और सद्भाव की भावना पैदा करते हैं।
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केरी सेक्टर में सेना की केरी बटालियन ने कई गांवों के युवाओं और स्थानीय लोगों को व्याख्यान के दौरान नशीली दवाओं के दुरुपयोग के पहलुओं के बारे में जागरूक किया। इसमें नशीली दवाओं के प्रकार और स्वास्थ्य, परिवार और समाज पर उनके प्रतिकूल प्रभाव शामिल हैं। चर्चा के दौरान नशीली दवाओं के सेवन से दूर रहने पर जोर देने के साथ साथ इसके लक्षण, उपचार और पुनर्वास के बारे में बताया गया। व्याख्यान का संचालन सेना के एक अधिकारी ने किया। इसमें बताया गया कि कैसे नशा तस्कर शुरू में कम कीमत पर नशे की आपूर्ति कर युवाओं को नशे के दुष्चक्र में धकेल कर उनके जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं और एक बार जब व्यक्ति इसका आदी हो जाता है, तो उसका फायदा उठाने के लिए उसका शोषण करता है।
कार्यक्रम का समापन प्रश्नोत्तर सत्र के साथ हुआ, जिसमें छात्रों की भागीदारी आगामी थी। स्थानीय लोगों ने इस तरह की गतिविधियों के आयोजन में सेना के प्रयासों की सराहना की जो जागरूकता और सद्भाव की भावना पैदा करते हैं।
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