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आरईटी शिक्षकों की आत्मदाह की चेतावनी

Tue, 16 Jun 2015 06:51 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, राजोरी
ब्यूरो/अमर उजाला, राजोरी Updated Tue, 16 Jun 2015 06:51 PM IST
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ret teachers give suicide warning

कोटरंका और बलजरालां शिक्षा जोन के आरईटी शिक्षकों ने स्थायी नहीं होने पर आत्महत्या की चेतावनी दे डाली है।

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आरईटी शिक्षकों ने चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि एक माह के भीतर उन्हें स्थायी नहीं किया गया तो वह सीईओ कार्यालय में आत्मदाह करेंगे। मंगलवार को रहबर-ए-तालीम शिक्षकों ने राज्य सरकार व शिक्षा विभाग के खिलाफ रोष प्रकट करते हुए उन्हें जल्द स्थायी किए जाने की गुहार लगाई।

आल जेएंडके आरईटी शिक्षक फोरम के बैनर तले हुई बैठक के दौरान सरकार व विभाग पर दबाव बनाने का प्रयास किया गया। इस अवसर पर फोरम के जिला अध्यक्ष आफताब तांत्रे जिला सचिव जहांगीर खान व अन्य शिक्षकों ने सरकार व विभाग पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि समय पूरा हो जाने के बाद भी उन्हें स्थायी नहीं किया जा रहा है।
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तांत्रे ने बताया कि वर्ष-2003 में जिले भर में करीब 8534 एजूकेशन वालंटियर्स कोे एसएसए के तहत नियुक्त किया गया था। वर्ष-2008 में सभी को आरईटी में तब्दील कर दिया गया। नियमों के मुताबिक वर्ष -2013 में कोटरंका व बलजरालां शिक्षा जोनों के 11 आरईटी शिक्षकों को छोड़ बाकी सभी को स्थायी कर दिया गया था।
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फोरम ने शिक्षा विभाग पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि दोनों जोनों के 11 शिक्षकों को अतिरिक्त शिक्षक बताकर उनकी फाइल को निदेशक कार्यालय भेजा ही नहीं गया। जिले के कई अन्य जोनों मे अतिरिक्त आरईटी शिक्षकों को भी स्थायी किया गया है, लेकिन इन्हीं दो जोन के शिक्षकों को बिना किसी कारण ही अभी स्थायी नहीं किया गया है। सीईओ अब्दुल हमीद का कहना है कि कुछ समय पहले फाइल निदेशक कार्यालय भेजा गया है। जल्द ही उन्हें स्थायी करने के आदेश जारी होने की संभावना है।

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