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बरसों इंतजार के बाद भी कई परिवारों को नहीं मिला प्रधानमंत्री आवास योजना
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बरसों इंतजार के बाद भी कई परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना से वंचित
बीपीएल होने के बावजूद भी कच्चे व टूटे-फूटे मकान में रहना मजबूरी
संवाद न्यूज एजेंसी
राजोरी। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सरकार करोड़ों रुपये खर्च करके गरीब परिवारों को पक्के मकान बनाने का दावा तो करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर अभी भी कई ऐसी बीपीएल परिवार हैं। जो भटकने के बावजूद भी पक्के मकान बनाने के उक्त योजना का लाभ नहीं ले पाए है।
जिले के अडगी गांव में 30 के करीब ऐसे बीपीएल परिवार हैं, जिनके घर अभी भी कच्चे हैं। बारिश के दिनों में इन लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। क्योंकि इन लोगों के घरों में बारिश का पानी घुस जाता है। लोगों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उनका कहना है कि ग्रामीण विकास विभाग से कई बार अनुरोध किया कि उन्हें भी पीएम आवास योजना के तहत मकान पक्का करने के लिए पैसे दिए जाएं, लेकिन कर्मचारी इस ओर तवज्जो नहीं दे रहे, सरपंच भी हमारे साथ पक्षपात कर रहे हैं।
इन लोगों का कहना है कि वर्ष 2011 की सर्वे सूची में भी उनका नाम है, मगर अभी तक दफ्तरों के चक्कर लगा लगा कर बहुत थक चुके हैं। उन्होंने बताया कि हम तमाम लोग बीपीएल परिवारों से हैं, लेकिन उसके बावजूद हमें हमारा अधिकार नहीं दिया गया है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उन लोगों को पक्के मकान बनाने के लिए रुपये दिए जाते हैं, जो बीपीएल परिवारों से संबंध रखते हैं, लेकिन न जाने क्यों सरकार, प्रशासन और संबंधित विभाग हमारे लिए क्यों चुप्पी साधे हैं।
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उन्होंने उपराज्यपाल प्रशासन से गुहार लगाते हुए कहा कि वह तत्काल मामले की जांच करें और संबंधित विभाग के अधिकारी को निर्देश जारी करें, ताकि वह लोग भी अपने मकान पक्के कर सकें। उन्होंने कहा कि यदि जल्द ही उन्हें पक्के मकान के लिए उक्त योजना का लाभ नहीं दिया गया तो लोग सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन का सहारा लेंगे।
-------
क्या कहते हैं अधिकारी
2011 में हुई जनगणना में कुछ लोगों के नाम कुछ कारणों से बीपीएल श्रेणी में नहीं आए थे। ऐसे परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने के लिए आवास प्लस सर्वे किए जा रहे हैं। इन लोगों को भी उस सर्वे के तहत कवर किया जाएगा।
-सुशील खजूरिया, असिस्टेंट कमिश्नर, ग्रामीण विकास विभाग
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बरसों इंतजार के बाद भी कई परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना से वंचित
बीपीएल होने के बावजूद भी कच्चे व टूटे-फूटे मकान में रहना मजबूरी
संवाद न्यूज एजेंसी
राजोरी। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सरकार करोड़ों रुपये खर्च करके गरीब परिवारों को पक्के मकान बनाने का दावा तो करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर अभी भी कई ऐसी बीपीएल परिवार हैं। जो भटकने के बावजूद भी पक्के मकान बनाने के उक्त योजना का लाभ नहीं ले पाए है।
जिले के अडगी गांव में 30 के करीब ऐसे बीपीएल परिवार हैं, जिनके घर अभी भी कच्चे हैं। बारिश के दिनों में इन लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। क्योंकि इन लोगों के घरों में बारिश का पानी घुस जाता है। लोगों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उनका कहना है कि ग्रामीण विकास विभाग से कई बार अनुरोध किया कि उन्हें भी पीएम आवास योजना के तहत मकान पक्का करने के लिए पैसे दिए जाएं, लेकिन कर्मचारी इस ओर तवज्जो नहीं दे रहे, सरपंच भी हमारे साथ पक्षपात कर रहे हैं।
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इन लोगों का कहना है कि वर्ष 2011 की सर्वे सूची में भी उनका नाम है, मगर अभी तक दफ्तरों के चक्कर लगा लगा कर बहुत थक चुके हैं। उन्होंने बताया कि हम तमाम लोग बीपीएल परिवारों से हैं, लेकिन उसके बावजूद हमें हमारा अधिकार नहीं दिया गया है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उन लोगों को पक्के मकान बनाने के लिए रुपये दिए जाते हैं, जो बीपीएल परिवारों से संबंध रखते हैं, लेकिन न जाने क्यों सरकार, प्रशासन और संबंधित विभाग हमारे लिए क्यों चुप्पी साधे हैं।
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उन्होंने उपराज्यपाल प्रशासन से गुहार लगाते हुए कहा कि वह तत्काल मामले की जांच करें और संबंधित विभाग के अधिकारी को निर्देश जारी करें, ताकि वह लोग भी अपने मकान पक्के कर सकें। उन्होंने कहा कि यदि जल्द ही उन्हें पक्के मकान के लिए उक्त योजना का लाभ नहीं दिया गया तो लोग सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन का सहारा लेंगे।
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क्या कहते हैं अधिकारी
2011 में हुई जनगणना में कुछ लोगों के नाम कुछ कारणों से बीपीएल श्रेणी में नहीं आए थे। ऐसे परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने के लिए आवास प्लस सर्वे किए जा रहे हैं। इन लोगों को भी उस सर्वे के तहत कवर किया जाएगा।
-सुशील खजूरिया, असिस्टेंट कमिश्नर, ग्रामीण विकास विभाग