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पिछले चार सालों से महिला कर्मियों को नहीं मिला वेतन
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नौशेरा। जिले की विभिन्न तहसीलों के सीडीपीओ कार्यालय में सहायक से लेकर सुपरवाइजर पद पर तैनात महिला कर्मियों को पिछले चार सालों से वेतन नहीं मिला। इस कारण उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विभाग की अनदेखी के कारण हो रही दिक्कतों को देखते हुए इन महिला कर्मचारियों ने सहायता और समस्या के समाधान के लिए उपराज्यपाल से गुहार लगाई है।
कार्यालयों में काम करने वाली ज्यादातर सहायक महिलाएं बीपीएल परिवार से ताल्लुक रखती हैं, या फिर विधवा हैं। जिले की तहसील थन्नामंडी, मंजाकोट, नौशेरा, सुंदरबनी, कालाकोट, दरहाल, आदि की लगभग सौ महिला कर्मचारी सहायक से लेकर सुपरवाइजर (आंगनबाड़ी) पद पर सीडीपीओ विभाग में तैनात हैं। सहायकों में शरीर बाला, सुदेश कुमार, अंजली कुमारी, नाजिया कोसर, इंदु कुमारी मुख्तियार, आदि ने बताया कि पिछले चार सालों से उन्हें वेतन न मिलने के कारण परिवार का गुजारा करना मुश्किल हो चुका है। विभाग के अधिकारियों को इस बारे में कई बार अवगत कराया गया, लेकिन हर बार बस यही जवाब मिलता है कि ऊपर भेजा हुआ है। यह सिर्फ एक आश्वासन है। आज तक इस बात को आगे नहीं बढ़ाया गया। महिला कर्मियों ने सबकी ओर से उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और उपायुक्त राजेश कुमार शवन से गुहार लगाई है कि उनके चार साल से बकाया वेतन का भुगतान किया जाए।
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कार्यालयों में काम करने वाली ज्यादातर सहायक महिलाएं बीपीएल परिवार से ताल्लुक रखती हैं, या फिर विधवा हैं। जिले की तहसील थन्नामंडी, मंजाकोट, नौशेरा, सुंदरबनी, कालाकोट, दरहाल, आदि की लगभग सौ महिला कर्मचारी सहायक से लेकर सुपरवाइजर (आंगनबाड़ी) पद पर सीडीपीओ विभाग में तैनात हैं। सहायकों में शरीर बाला, सुदेश कुमार, अंजली कुमारी, नाजिया कोसर, इंदु कुमारी मुख्तियार, आदि ने बताया कि पिछले चार सालों से उन्हें वेतन न मिलने के कारण परिवार का गुजारा करना मुश्किल हो चुका है। विभाग के अधिकारियों को इस बारे में कई बार अवगत कराया गया, लेकिन हर बार बस यही जवाब मिलता है कि ऊपर भेजा हुआ है। यह सिर्फ एक आश्वासन है। आज तक इस बात को आगे नहीं बढ़ाया गया। महिला कर्मियों ने सबकी ओर से उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और उपायुक्त राजेश कुमार शवन से गुहार लगाई है कि उनके चार साल से बकाया वेतन का भुगतान किया जाए।
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