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Rajouri News: पुरमंडल के मंदिरों में बंदरों का उत्पात बढ़ा, श्रद्धालु सहमे
Mon, 08 Dec 2025 02:01 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, राजौरी
संवाद न्यूज एजेंसी, राजौरी
Updated Mon, 08 Dec 2025 02:01 AM IST
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पुरमंडल शिव मंदिर परिसर में घूमते बंदरो का दृश्य स्रोत संवाद
लोगों ने प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की
मंदिर परिसर में सामान छीनने की घटनाएं बढ़ीं, स्थानीय निवासियों और दुकानदारों ने वाइल्ड लाइफ विभाग से हस्तक्षेप की अपील
पुरमंडल। पुरमंडल क्षेत्र के ऐतिहासिक मंदिरों में बंदरों की बढ़ती संख्या श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई है। पूजा-अर्चना के लिए मंदिर परिसर में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं से बंदर प्रसाद और अन्य सामान छीन लेते हैं। इससे लोग सहमे हुए हैं।
ग्रामीणों और दुकानदारों ने प्रशासन और वाइल्ड लाइफ विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय निवासियों गोविंद राम शर्मा, राजेश कुमार, आशी गोस्वामी, आनंद किशोर शास्त्री, विजय उप्पल और सोहन लाल ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में बंदरों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। पहले ये बंदर किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाते थे लेकिन अब मंदिर परिसर में झुंड बनाकर श्रद्धालुओं, खासकर बच्चों और बुजुर्गों को निशाना बना रहे हैं। रोकने पर बंदर हमला करने को भी तैयार रहते हैं जिससे लोगों में भय का माहौल है।
दुकानदारों ने बताया कि बंदरों के बढ़ते उत्पात के कारण श्रद्धालुओं की संख्या में गिरावट आ सकती है, जिससे व्यापार प्रभावित होगा। उन्होंने मांग की है कि प्रशासन बंदरों को पकड़कर जंगल क्षेत्रों में छोड़े।
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ग्रामीणों का कहना है कि बंदर न केवल मंदिरों में श्रद्धालुओं को परेशान कर रहे हैं बल्कि घरों से खाद्य सामग्री और बाहर रखा सामान भी उठा ले जाते हैं जिससे लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। क्षेत्रवासियों ने आरोप लगाया है कि शहरी क्षेत्रों से बंदरों को पकड़कर ग्रामीण इलाकों में छोड़ा जा रहा है। इसके चलते यह समस्या और गंभीर होती जा रही है। क्षेत्रवासियों ने जिला विकास आयुक्त और उप-राज्यपाल से अपील की है कि पुरमंडल के ऐतिहासिक मंदिर क्षेत्र में बंदरों की बढ़ती संख्या पर तत्काल नियंत्रण किया जाए।
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मंदिर परिसर में सामान छीनने की घटनाएं बढ़ीं, स्थानीय निवासियों और दुकानदारों ने वाइल्ड लाइफ विभाग से हस्तक्षेप की अपील
पुरमंडल। पुरमंडल क्षेत्र के ऐतिहासिक मंदिरों में बंदरों की बढ़ती संख्या श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई है। पूजा-अर्चना के लिए मंदिर परिसर में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं से बंदर प्रसाद और अन्य सामान छीन लेते हैं। इससे लोग सहमे हुए हैं।
ग्रामीणों और दुकानदारों ने प्रशासन और वाइल्ड लाइफ विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय निवासियों गोविंद राम शर्मा, राजेश कुमार, आशी गोस्वामी, आनंद किशोर शास्त्री, विजय उप्पल और सोहन लाल ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में बंदरों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। पहले ये बंदर किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाते थे लेकिन अब मंदिर परिसर में झुंड बनाकर श्रद्धालुओं, खासकर बच्चों और बुजुर्गों को निशाना बना रहे हैं। रोकने पर बंदर हमला करने को भी तैयार रहते हैं जिससे लोगों में भय का माहौल है।
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दुकानदारों ने बताया कि बंदरों के बढ़ते उत्पात के कारण श्रद्धालुओं की संख्या में गिरावट आ सकती है, जिससे व्यापार प्रभावित होगा। उन्होंने मांग की है कि प्रशासन बंदरों को पकड़कर जंगल क्षेत्रों में छोड़े।
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ग्रामीणों का कहना है कि बंदर न केवल मंदिरों में श्रद्धालुओं को परेशान कर रहे हैं बल्कि घरों से खाद्य सामग्री और बाहर रखा सामान भी उठा ले जाते हैं जिससे लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। क्षेत्रवासियों ने आरोप लगाया है कि शहरी क्षेत्रों से बंदरों को पकड़कर ग्रामीण इलाकों में छोड़ा जा रहा है। इसके चलते यह समस्या और गंभीर होती जा रही है। क्षेत्रवासियों ने जिला विकास आयुक्त और उप-राज्यपाल से अपील की है कि पुरमंडल के ऐतिहासिक मंदिर क्षेत्र में बंदरों की बढ़ती संख्या पर तत्काल नियंत्रण किया जाए।