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पाक सेना कश्मीर में तालिबान आतंकवादियों को धकेलने की होड़ में

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Sat, 06 Jun 2020 05:31 PM IST
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pakistan trying to push talibani to rajouri poonch
अमर उजाला एक्सक्लूसिव पाक सेना कश्मीर में तालिबान आतंकवादियों को धकेलने की होड़ मे : खुफिया एजेंसियां * रवि वर्मा राजौरी.  जम्मू-कश्मीर में नौशेरा सेक्टर के सामने नियंत्रण रेखा के पार पाकिस्तानी सेना के साथ कैंप कर रहे दो तालिबान आतंकवादियों सहित दर्जन भर अन्य आतंकवादी भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ करने की योजना बना रहे हैं, खुफिया एजेंसियों ने इसे लेकर सुरक्षा बलों को सतर्क कर दिया है । खुफिया एजेंसियों ने हरी झंडी दिखाते हुए कहा है कि कुख्यात तालिबानी आतंकवादी नौशेरा सेक्टर के सामने पाकिस्तान सेना की 28 सिंध बटालियन की जिम्मेदारी के क्षेत्र में केंद्रित हैं और घुसपैठ की योजना बना रहे हैं। जम्मू कश्मीर में पाकिस्तान के तालिबान आतंकवादियों और अन्य आतंकी संगठनों को घाटी में पहचान और उन्हें खत्म करने में सक्षम भारतीय बलों के साथ बड़ा झटका लगा है। ख़ुफ़िया एजेंसी  के सूत्रों की मानें तो जिलों में तालिबान की ताकत बढ़ने के कारण पाकिस्तानी सेना विशेष सेवा समूह (SSG) द्वारा कश्मीर में प्रशिक्षण लेने और हमलों की साजिश रचने के लिए आतंकवादियों की संख्या बढ़ रही है।  खुफिया एजेंसियों ने यह भी बता दिया है कि अफगानिस्तान के नंगरहार प्रांत की राजधानी जलालाबाद में, एसएसजी द्वारा कश्मीर में मिशन के लिए 20 तालिबानी आतंकवादियों के एक समूह को तैयार किया जा रहा है। पाकिस्तान तालिबान आतंकवादियों को शरण देने के लिए जाना जाता है और यहां तक कि अल कायदा के उदय के दौरान प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन को सैन्य सहायता प्रदान करता रहा है। अलकायदा ने जलालाबाद में पाकिस्तानी सेना और आईएसआई के कुख्यात खुफिया एजेंसी के सक्रिय सहयोग से आतंकी शिविर बनाए हैं। जम्मू कश्मीर मे आतंकवादी हमलों के बारे में सुरक्षा अधिकारियों द्वारा विश्लेषण किए गए खुफिया जानकारी के आधार पर कहा जा रहा है कि जलालाबाद की रिपोर्ट देश में आतंकवाद विरोधी एजेंसियों के लिए अधिक चिंताजनक है, क्योंकि पाकिस्तान बहुत लंबे समय से जम्मू कश्मीर मे तालिबान को युद्धरत कठोर आतंकवादियों को लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है। कश्मीर। मुख्य खतरा तालिबान का आत्मघाती दस्ता है जिसे पाकिस्तान ने कश्मीर में आतंकी हमले के लिए प्रशिक्षण देने के लिए कहा है। खुफिया इनपुट ने सुझाव दिया है कि पाकिस्तान को उन्हें धीरे-धीरे लॉन्च करना है। पाकिस्तान आईएसआई भी शामिल है क्योंकि  पाकिस्तान की ISI के सक्रिय समर्थन के बिना इन आतंकवादियों को घुसपैठ करना असंभव है।   सूत्रों की माने तो तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान, जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा उन आतंकवादी संघठनो में शामिल हैं जो जम्मू कश्मीर में सुरक्षा के लिए खतरा हैं। सूत्र बताते है कि ये समूह पूर्वी प्रांत कुनार, नंगरहार और नूरिस्तान में केंद्रित हैं, जहां वे अफगान तालिबान की छतरछाया के नीचे काम करते हैं। सूत्रों के अनुसार तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान का नेतृत्व नूर वली महसूद और उनके डिप्टी कारी अमजद कर रहे हैं। समूह के बारे में माना जाता है कि कुंअर में लगभग 500 और नंगरहार में लगभग 180 लड़ाकू आत्मघाती हैं। 
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