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राजोरी में खनन माफिया के खिलाफ प्रदर्शन
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राजोेरी। जिले के सरानू गांव के लोगों ने खनन और स्टोन क्रैशर माफिया के खिलाफ कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने खनन विभाग पर आरोप लगाया है कि वह अपने फायदे के लिए गांव की जमीन क्रैशर माफियाओं के हवाले कर रहा है। इससे गांव में खनन ब्लॉक बन रहे हैं। लोगों ने जिला प्रशासन और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से अपील की है कि मामले को गंभीरता से लेकर इसका समाधान किया जाए।
खनन विभाग पर मंगलवार को आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि क्रैशर माफिया के साथ मिलकर खनन विभाग नदी तल सामग्री निकालने के लिए खनन ब्लॉकों को पंचायत सरानू के लोगों की भूमि आवंटित करने का प्रयास कर रहा है। खनन विभाग ने क्रैशर माफिया के साथ कुछ और राजस्व अधिकारियों की संलिप्तता के साथ लोगों को गुमराह किया है और भूमि के स्वामित्व को खनन ब्लॉकों में बदल दिया है। जब जमीन के वास्तविक मालिकों को यह बात पता चली तो उन्होंने नाराजगी जताई। प्रदर्शनकारियों ने इस मामले में जिला प्रशासन और एलजी अपील की है कि दोषियों के खिलाफ गंभीर कार्रवाई की जाए।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि भूमि घोटाले में शामिल लोगों को दंडित किया जाना चाहिए, और ब्लॉकों में खनन को प्रतिबंधित किया जाना चाहिए। भूमि पर अधिकार उसके वास्तविक मालिक का होना चाहिए। पंचायत उन सभी मालिकों की ओर से उपायुक्त और उपराज्यपाल से अपील करती है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर पीड़ितों को राहत दी जाए। क्रैशर माफिया को खनन के लिए अनुमति नहीं दी जानी चाहिए और इस भूमि आवंटन को भी तुरंत रोका जाना चाहिए।
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खनन विभाग पर मंगलवार को आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि क्रैशर माफिया के साथ मिलकर खनन विभाग नदी तल सामग्री निकालने के लिए खनन ब्लॉकों को पंचायत सरानू के लोगों की भूमि आवंटित करने का प्रयास कर रहा है। खनन विभाग ने क्रैशर माफिया के साथ कुछ और राजस्व अधिकारियों की संलिप्तता के साथ लोगों को गुमराह किया है और भूमि के स्वामित्व को खनन ब्लॉकों में बदल दिया है। जब जमीन के वास्तविक मालिकों को यह बात पता चली तो उन्होंने नाराजगी जताई। प्रदर्शनकारियों ने इस मामले में जिला प्रशासन और एलजी अपील की है कि दोषियों के खिलाफ गंभीर कार्रवाई की जाए।
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प्रदर्शनकारियों ने कहा कि भूमि घोटाले में शामिल लोगों को दंडित किया जाना चाहिए, और ब्लॉकों में खनन को प्रतिबंधित किया जाना चाहिए। भूमि पर अधिकार उसके वास्तविक मालिक का होना चाहिए। पंचायत उन सभी मालिकों की ओर से उपायुक्त और उपराज्यपाल से अपील करती है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर पीड़ितों को राहत दी जाए। क्रैशर माफिया को खनन के लिए अनुमति नहीं दी जानी चाहिए और इस भूमि आवंटन को भी तुरंत रोका जाना चाहिए।
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