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सीआरपीएफ के जवानो को मानसिक तनाव को लेकर किया जागरूक
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सीआरपीएफ के जवानो को मानसिक तनाव को लेकर किया जागरूक
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राजोरी। सीआरपीएफ के जवानों को मानसिक तनाव से मुक्ति देने के मकसद से शुक्रवार को एक शिविर का आयोजन हुआ। इस अवसर पर सीआरपीएफ के डॉ. विवेकानंद ने तीन कंपनियों के जवानों को जागरूक किया।
डॉ. विवेकानंद ने तनाव से संबंधित विकार, चिंता, पैनिक अटैक, और इसके संकेतों और लक्षणों का शीघ्र पता लगाकर आत्महत्या को कम करने के बारे में बताया। उन्होंने जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए मानसिक रूप से स्वस्थ होना आवश्यक है। चिंता की जगह चिंतन करने व रोग से बचाव के लिए उचित उपाय पर करने चाहिए।
डॉक्टर ने उपस्थित जवानों को बताया कि मानसिक रोग के प्रमुख लक्षणों में नकारात्मक विचार के साथ पर्याप्त नींद न आना, मिर्गी का दौरा पड़ना, अचानक बेहोश होना, हाथ व पैर में झनझनाहट होना, भीड़ में जाने से घबराना, आत्महत्या करने का विचार आना या कोशिश करना, बिना किसी कारण अचानक घबराहट होना, किसी के आसपास न होने के बाद भी किसी के होने की आशंका होना, अपने आप से बात करना, आदि शामिल है। इसमें से किसी भी लक्षण के महसूस करने पर जिला मुख्यालय स्थित मानसिक रोग के निवारण के लिए बने विभाग से संपर्क करें। वहां इलाज के लिए दवा देने के साथ उचित परामर्श की व्यवस्था है।
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डॉ. विवेकानंद ने तनाव से संबंधित विकार, चिंता, पैनिक अटैक, और इसके संकेतों और लक्षणों का शीघ्र पता लगाकर आत्महत्या को कम करने के बारे में बताया। उन्होंने जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए मानसिक रूप से स्वस्थ होना आवश्यक है। चिंता की जगह चिंतन करने व रोग से बचाव के लिए उचित उपाय पर करने चाहिए।
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डॉक्टर ने उपस्थित जवानों को बताया कि मानसिक रोग के प्रमुख लक्षणों में नकारात्मक विचार के साथ पर्याप्त नींद न आना, मिर्गी का दौरा पड़ना, अचानक बेहोश होना, हाथ व पैर में झनझनाहट होना, भीड़ में जाने से घबराना, आत्महत्या करने का विचार आना या कोशिश करना, बिना किसी कारण अचानक घबराहट होना, किसी के आसपास न होने के बाद भी किसी के होने की आशंका होना, अपने आप से बात करना, आदि शामिल है। इसमें से किसी भी लक्षण के महसूस करने पर जिला मुख्यालय स्थित मानसिक रोग के निवारण के लिए बने विभाग से संपर्क करें। वहां इलाज के लिए दवा देने के साथ उचित परामर्श की व्यवस्था है।
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