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वायरस नहीं, जहर का असर: राजोरी में एक साल पहले हुई 17 रहस्यमयी मौतों के मामले में बड़ा खुलासा, सच्चाई आई सामने
Sun, 29 Mar 2026 04:31 PM IST
Nikita Gupta
अमर उजाला, नेटवर्क राजोरी
अमर उजाला, नेटवर्क राजोरी
Published by: Nikita Gupta
Updated Sun, 29 Mar 2026 04:31 PM IST
सार
जम्मू-कश्मीर के राजोरी में हुई 17 रहस्यमयी मौतों के मामले में जांच में कीटनाशक तत्वों और कैडमियम के उच्च स्तर पाए गए हैं, जिससे न्यूरो-टॉक्सिक प्रभाव की आशंका जताई गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह मामला किसी वायरल या बैक्टीरियल संक्रमण से जुड़ा नहीं है ।
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बड्डाल गांव
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जम्मू-कश्मीर के राजोरी जिले के एक दूरदराज गांव में एक साल पहले हुई 17 रहस्यमयी मौतों के मामले में अब नए खुलासे सामने आए हैं। सरकार के अनुसार, प्रारंभिक जांच में कुछ खास कीटनाशक तत्वों और कैडमियम के उच्च स्तर के संकेत मिले हैं, जो बीमारी का कारण हो सकते हैं।
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स्वास्थ्य मंत्री सकीना इटू ने बताया कि लखनऊ के सीएसआईआर-इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टॉक्सिकोलॉजी रिसर्च और पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ की रिपोर्ट के अनुसार यह घटनाएं किसी वायरल या बैक्टीरियल संक्रमण से जुड़ी नहीं हैं। जांच में एल्डीकार्ब सल्फोन, एसीटामिप्रिड और बुटॉक्सीकार्बॉक्सिम जैसे कीटनाशकों के साथ-साथ कैडमियम की मौजूदगी सामने आई है, जिससे न्यूरो-टॉक्सिक प्रभाव की आशंका जताई गई है।
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यह मामला 7 दिसंबर 2024 से 24 जनवरी 2025 के बीच बड्डाल क्षेत्र में सामने आया था, जहां 55 लोग प्रभावित हुए थे और उनमें से 17 की मौत हो गई थी। प्रभावित लोगों में पेट दर्द, उल्टी, बुखार, सांस लेने में दिक्कत और बेहोशी जैसे लक्षण देखे गए थे।
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सरकार ने इस मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसाईटी) और गृह मंत्रालय की एक अंतर-मंत्रालयी टीम गठित की है, जो घटना के सटीक कारणों का पता लगाने में जुटी है।
घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मेडिकल कैंप लगाए, घर-घर सर्वे किया और हजारों लोगों की जांच की। साथ ही भोजन, पानी और अन्य नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशालाओं में भेजा गया।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की निगरानी में इस मामले की समीक्षा की गई है और आईसीएमआर, एनसीडीसी, पीजीआईएमईआर, एम्स दिल्ली समेत कई राष्ट्रीय संस्थानों के विशेषज्ञ भी जांच में शामिल हैं।