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Rajouri News: राजोेरी में आतंकरोधी अभियान 33वें दिन भी रहा जारी
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राजोरी डोरिमल गंभीर मुगला सर्च ऑपरेशन जारी फोटो स्रोत सेना
डोरीमल क्षेत्र में जारी ऑपरेशन बना राजोेरी-पुंछ का सबसे लंबा आतंक विरोधी अभियान
संवाद न्यूज एजेंसी
राजोेरी। जिले के मंजाकोट क्षेत्र के गंभीर मुगला के डोरीमल इलाके में जारी आतंकरोधी अभियान बुधवार को 33वें दिन में प्रवेश कर गया। इसके साथ ही यह अभियान राजोेरी और पुंछ जिलों के इतिहास में किसी एक स्थान पर चलने वाला सबसे लंबा नियमित आतंकरोधी अभियान बन गया है।
यह अभियान 22 मई को उस समय शुरू किया गया था, जब सुरक्षा एजेंसियों को डोरीमल क्षेत्र में आतंकियों की मौजूदगी संबंधी खुफिया सूचना प्राप्त हुई। भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस तथा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की ओर से संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया गया। इस दौरान सुरक्षा बलों और संदिग्ध आतंकियों के बीच मुठभेड़ भी हुई।
तब से क्षेत्र में बड़े स्तर पर आतंक विरोधी अभियान लगातार जारी है। इसमें हजारों सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। इनमें भारतीय सेना की विशेष बल इकाइयां तथा जम्मू-कश्मीर पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) भी सक्रिय रूप से शामिल हैं। सुरक्षा एजेंसियों की ओर से पहाड़ी और घने जंगल वाले क्षेत्र में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। इसके अलावा, आतंकियों की किसी भी संभावित गतिविधि और आवाजाही को रोकने के लिए आधुनिक निगरानी तंत्र के माध्यम से क्षेत्र में नजर रखी जा रही है।
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इससे पहले भी पीर पंजाल क्षेत्र में कई लंबे आतंकरोधी अभियान चलाए गए थे। वर्ष 2008-09 में मेंढर के कसबलारी क्षेत्र में तथा वर्ष 2021 में भाटाधुरियां में अभियान करीब 22 दिनों तक चला था। सुरक्षा बलों का कहना है कि क्षेत्र में आतंकियों की मौजूदगी को पूरी तरह समाप्त करने और इलाके में शांति एवं सुरक्षा बहाल करने के लिए अभियान जारी रहेगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
राजोेरी। जिले के मंजाकोट क्षेत्र के गंभीर मुगला के डोरीमल इलाके में जारी आतंकरोधी अभियान बुधवार को 33वें दिन में प्रवेश कर गया। इसके साथ ही यह अभियान राजोेरी और पुंछ जिलों के इतिहास में किसी एक स्थान पर चलने वाला सबसे लंबा नियमित आतंकरोधी अभियान बन गया है।
यह अभियान 22 मई को उस समय शुरू किया गया था, जब सुरक्षा एजेंसियों को डोरीमल क्षेत्र में आतंकियों की मौजूदगी संबंधी खुफिया सूचना प्राप्त हुई। भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस तथा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की ओर से संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया गया। इस दौरान सुरक्षा बलों और संदिग्ध आतंकियों के बीच मुठभेड़ भी हुई।
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तब से क्षेत्र में बड़े स्तर पर आतंक विरोधी अभियान लगातार जारी है। इसमें हजारों सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। इनमें भारतीय सेना की विशेष बल इकाइयां तथा जम्मू-कश्मीर पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) भी सक्रिय रूप से शामिल हैं। सुरक्षा एजेंसियों की ओर से पहाड़ी और घने जंगल वाले क्षेत्र में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। इसके अलावा, आतंकियों की किसी भी संभावित गतिविधि और आवाजाही को रोकने के लिए आधुनिक निगरानी तंत्र के माध्यम से क्षेत्र में नजर रखी जा रही है।
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इससे पहले भी पीर पंजाल क्षेत्र में कई लंबे आतंकरोधी अभियान चलाए गए थे। वर्ष 2008-09 में मेंढर के कसबलारी क्षेत्र में तथा वर्ष 2021 में भाटाधुरियां में अभियान करीब 22 दिनों तक चला था। सुरक्षा बलों का कहना है कि क्षेत्र में आतंकियों की मौजूदगी को पूरी तरह समाप्त करने और इलाके में शांति एवं सुरक्षा बहाल करने के लिए अभियान जारी रहेगा।