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जल शक्ति विभाग जलापूर्ति लाइनों की मरम्मत करने में विफल 16-33-24
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राजोरी। जिले की कोटरांका तहसील की पंचायत दराज-बी के लोग पाइपलाइनों में रिसाव के कारण पानी की भारी समस्या से जूझ रहे है। ग्रामीणों का कहना है कि उनको मिलने वाला अधिकांश पानी रिसकर बर्बाद हो जाता है। पाइपों की मरम्मत करवाने के लिए जल शक्ति विभाग से कई बार संपर्क किया गया है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती।
गांव के निवासियों ने बताया है कि विभिन्न स्थानों पर खराब पाइपलाइन और पानी का रिसाव चिंता का कारण है। लेकिन, विभाग इन मुद्दों को हल करने में दिलचस्पी नहीं लेता। अधिकारियों से कई बार पाइपलाइनों की मरम्मत और प्रतिस्थापन कार्य कराने की बात कही गई है, लेकिन विभाग तो केवल कागजों पर काम करता है। संबंधित अधिकारियों से जब संपर्क करो, तो वे सिर्फ जुमलेबाजी करते हैं। जमीन पर कोई काम नहीं होता है।
लोगों ने बताया कि कई इलाकों में लीकेज को रोकने के लिए ग्रामीणों ने पॉलीथिन को पाइप लाइन पर लपेटा है। लेकिन, पिछले 40 साल से पाइप बदले नहीं गए, इसलिए इतना करने के बावजूद भी मुश्किल से आधे घंटे तक ही पानी की आपूर्ति होती है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने हर घर में शौचालय की सुविधा का अभियान शुरू किया था, लेकिन पानी के बिना ये शौचालय बेकार हैं। पानी न होने की वजह से लोग खुले में शौच करने को मजबूर हैं।
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इस पूरी समस्या के संबंध में जब जल शक्ति विभाग के सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर से संपर्क किया गया, तो उन्होंने कहा कि वह हाल ही में पद पर आसन्न हुए हैं, इसलिए इस मुद्दे से अनजान हैं। उन्होंने कहा वह मामले की जांच करेंगे और जल्द से जल्द मामले को सुलझाने की कोशिश करेंगे।
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गांव के निवासियों ने बताया है कि विभिन्न स्थानों पर खराब पाइपलाइन और पानी का रिसाव चिंता का कारण है। लेकिन, विभाग इन मुद्दों को हल करने में दिलचस्पी नहीं लेता। अधिकारियों से कई बार पाइपलाइनों की मरम्मत और प्रतिस्थापन कार्य कराने की बात कही गई है, लेकिन विभाग तो केवल कागजों पर काम करता है। संबंधित अधिकारियों से जब संपर्क करो, तो वे सिर्फ जुमलेबाजी करते हैं। जमीन पर कोई काम नहीं होता है।
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लोगों ने बताया कि कई इलाकों में लीकेज को रोकने के लिए ग्रामीणों ने पॉलीथिन को पाइप लाइन पर लपेटा है। लेकिन, पिछले 40 साल से पाइप बदले नहीं गए, इसलिए इतना करने के बावजूद भी मुश्किल से आधे घंटे तक ही पानी की आपूर्ति होती है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने हर घर में शौचालय की सुविधा का अभियान शुरू किया था, लेकिन पानी के बिना ये शौचालय बेकार हैं। पानी न होने की वजह से लोग खुले में शौच करने को मजबूर हैं।
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इस पूरी समस्या के संबंध में जब जल शक्ति विभाग के सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर से संपर्क किया गया, तो उन्होंने कहा कि वह हाल ही में पद पर आसन्न हुए हैं, इसलिए इस मुद्दे से अनजान हैं। उन्होंने कहा वह मामले की जांच करेंगे और जल्द से जल्द मामले को सुलझाने की कोशिश करेंगे।