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अवैध क्लीनिकों पर कसी जाएगी नकेल
ब्यूरो,अमर उजाला/राजोरी
Updated Sat, 23 Apr 2016 12:54 AM IST
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जांच में पता चला है कि दवाई को खासतौर पर नशे के लिए ही बनाया गया था।
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शहर के विभिन्न स्थानों पर चलाई जा रही अपंजीकृत मेडिकल क्लीनिकों पर नकेल कसने के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। सीएमओ ने इस संबंध में एक नोटिस जारी कर क्लीनिक चलाने वालों को चेतावनी दी है।
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बताया जा रहा है कि शहर में कई जगहों पर चलने वाले मेडिकल क्लीनिक, जिनमें नर्सिंग होम, क्लीनिकल लेबोरेटरीज, एक्स-रे क्लीनिक, आई क्लीनिक, भौतिक चिकित्सा केंद्र, डेंटल क्लीनिक व अल्ट्रासाउंड सेंटर हैं, जिनके पास कोई रजिस्ट्रेशन नहीं है। इतना ही नहीं इन मेडिकल क्लीनिकों में काम करने वाले कर्मचारियों के पास भी अधिकृत प्रमाणपत्र नहीं हैं।
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ऐसी सभी क्लीनिकों को सीएमओ राजोरी ने शोकाज नोटिस जारी किया है। सीएमओ राजोरी डा. चमन भसीन ने जारी नोटिस में लिखा गया है कि इन क्लीनिकों को चलाने वालों के पास न तो कोई अधिकृत प्रमाणपत्र हैं और न ही उन्होंने अपना रजिस्ट्रेशन करवाया है। सीएमओ द्वाराजारी नोटिस के अनुसार इन क्लीनिकों ने ना तो अधिकृत जनशक्ति का कोई बोर्ड लगा रखा है और ना ही रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र कहीं लगाया है।
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इसके अलावा इनमें डाक्टरों, सलाहकारों या अन्य पैरामेडिकल कर्मियों के दौरे के समय को लेकर कोई जानकारी भी नहीं दी गई है। वहीं इन अपंजीकृत क्लिनिकोें में प्रदान की जाने वाली सुविधाओं की ना तो कोई सूची है और न ही जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से उचित अनुमति उपलब्ध है।
इसके साथ ही उनके पास गुणवत्ता नियंत्रण प्रमाणपत्र नहीं होने के अलावा पंजीकृत ब्लड बैंकों के साथ करार होने का भी कोई प्रमाणपत्र नहीं है। सीएमओ ने जेएंडके नर्सिंग होम व इस्टेबलिशमेंट एक्ट का हवाला देते हुए नोटिस में लिखा है कि यह सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद ही क्लीनिक खोली जा सकती है।
सीएमओ ने बताया कि ऐसे क्लीनिक पर नकेल कसने के लिए विभाग ने कई टीम गठित की हैं जो औचक दौरे कर क्लीनिकों के प्रमाणपत्र व अन्य दस्तावेजों की जांच करेंगी और जिनके पास पूरे दस्तावेज व अन्य औपचारिकताएं नहीं होंगी, उन पर ताले लगा दिए जाएंगे।