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Rajouri News: किसान खिदमत घरों के कामकाज को मजबूत करने पर जोर
Fri, 03 Jan 2025 03:22 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, राजौरी
संवाद न्यूज एजेंसी, राजौरी
Updated Fri, 03 Jan 2025 03:22 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
राजोेरी। जिले में समग्र कृषि विकास कार्यक्रम के क्रियान्वयन की समीक्षा के लिए अतिरिक्त जिला विकास आयुक्त (एडीडीसी) डॉ. राज कुमार थापा की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसका उद्देश्य एचएडीपी के तहत विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति का आकलन करना था। इस दौरान उन्होंने किसान खिदमत घरों के कामकाज को मजबूत करने पर जोर दिया।
एडीडीसी ने कुछ क्षेत्रों में धीमी प्रगति और कम व्यय पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने संबंधित विभागों को बाधाओं की पहचान करने, संचालन को सुव्यवस्थित करने और परियोजनाओं का समय पर निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। एडीडीसी ने कहा कि किसान खिदमत घर (केकेजी) किसानों को कृषि और संबद्ध सेवाओं तक पहुंचने के लिए वन-स्टॉप सेंटर के रूप में काम करते हैं। उन्होंने अधिकारियों को इन केंद्रों को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर ध्यान केंद्रित करने का निर्देश दिया। एडीडीसी ने कृषक समुदाय की सामाजिक-आर्थिक स्थितियों में सुधार के लिए प्रशासन की प्रतिबद्धता भी दोहराई। उन्होंने विभागों से कृषि उत्पादकता और ग्रामीण आजीविका को बढ़ाने पर सीधे प्रभाव डालने वाली परियोजनाओं पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया।
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राजोेरी। जिले में समग्र कृषि विकास कार्यक्रम के क्रियान्वयन की समीक्षा के लिए अतिरिक्त जिला विकास आयुक्त (एडीडीसी) डॉ. राज कुमार थापा की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसका उद्देश्य एचएडीपी के तहत विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति का आकलन करना था। इस दौरान उन्होंने किसान खिदमत घरों के कामकाज को मजबूत करने पर जोर दिया।
एडीडीसी ने कुछ क्षेत्रों में धीमी प्रगति और कम व्यय पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने संबंधित विभागों को बाधाओं की पहचान करने, संचालन को सुव्यवस्थित करने और परियोजनाओं का समय पर निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। एडीडीसी ने कहा कि किसान खिदमत घर (केकेजी) किसानों को कृषि और संबद्ध सेवाओं तक पहुंचने के लिए वन-स्टॉप सेंटर के रूप में काम करते हैं। उन्होंने अधिकारियों को इन केंद्रों को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर ध्यान केंद्रित करने का निर्देश दिया। एडीडीसी ने कृषक समुदाय की सामाजिक-आर्थिक स्थितियों में सुधार के लिए प्रशासन की प्रतिबद्धता भी दोहराई। उन्होंने विभागों से कृषि उत्पादकता और ग्रामीण आजीविका को बढ़ाने पर सीधे प्रभाव डालने वाली परियोजनाओं पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया।
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