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मेंढर तहसील में डायरिया का प्रकोप
ब्यूरो/पुंछ
Updated Thu, 25 May 2017 01:18 AM IST
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उल्टी-दस्त से पीड़ित बच्चे
- फोटो : अमर उजाला
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जिले की मेंढर तहसील में डायरिया के प्रकोप से हड़कंप मचा है। हर दिन उपजिला अस्पताल में 60-70 डायरिया से पीड़ित मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। अस्पताल प्रशासन इस मामले में पूरी एहतियात बरत रहा है। अस्पताल में मरीजों की बढ़ रही संख्या में चलते एक-एक बेड पर दो या तीन लोगों को लिटाकर उनका उपचार किया जा रहा है, ताकि समय रहते हर मरीज को ग्लूकोज और इंजेक्शन दिए जा सकें।
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क्षेत्र में उल्टी और दस्त से पीड़ित रोगियों की संख्या की जानकारी मिलने पर बुधवार को पुंछ से मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुमताज बट्टी भी उपजिला अस्पताल मेंढर पहुंचे। उन्होंने वहां अस्पताल में तैनात स्टाफ को 24 घंटे आपातकालीन सेवा में तैनात रहने के निर्देश देते हुए इस बात का आश्वासन दिया कि अस्पताल में हैजा पीड़ित रोगियों के उपचार के लिए पर्याप्त मात्रा में ग्लूकोज और अन्य जरूरी दवाइयों की व्यवस्था की गई है।
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सीएमओ ने लोगों से आग्रह किया कि वे इस बीमारी को लेकर आतंकित न हों और न ही किसी प्रकार की अफवाहों की तरफ ध्यान दें। उन्होंने कहा कि वे इस दौरान पूरी साफ-सफाई रखें और गुणवक्ता वाली वस्तुओं का ही सेवन करें। गौरतलब है कि पिछले चार पांच दिनों से मेंढर तहसील के ग्रामीण क्षेत्रों बालाकाट, छतराल, मनकोट, बलनोई एवं सागरा व कई अन्य क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोगों को उल्टी और दस्त लगने की शिकायतें आने लगी थी।
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बाद में अस्पताल में आने वाले मरीजों की संख्या क्रमश: बढ़ती गई। अस्पताल में हर दिन ओपीडी में 200-250 लोग रोग की जांच के लिए पहुंच रहे हैं। इसमें से 60-70 मरीजों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती किया जाता है। ठीक हो जाने पर उनको घर भेजा जा रहा है। इतनी बड़ी संख्या में डायरिया के मरीज आने से अस्पताल में बेड कम पड़ रहे हैं।
ऐसे में एक बेड पर दो-तीन मरीजों को लेटाना पड़ रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी का कहना है कि हमने क्षेत्र में हैजा रोग के बढ़ते मामलों को देखते हुए चिकित्सकों के कुछ दलों का गठन किया है, जो दूरदराज के गांव में पहुंच कर वहां इस रोग की शिकायत करने वालों की वहीं पर जांच एवं उपचार करेंगे।