{"_id":"67db25921b6e4fee0d0de5a4","slug":"dc-news-rajouri-news-c-272-1-raj1001-104143-2025-03-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rajouri News: नशीली दवाओं की तस्करी के खिलाफ चल रहे अभियानों की प्रगति जानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rajouri News: नशीली दवाओं की तस्करी के खिलाफ चल रहे अभियानों की प्रगति जानी
विज्ञापन
राजोेरी। उपायुक्त अभिषेक शर्मा ने जिले में नशीली दवाओं के दुरुपयोग और तस्करी के खिलाफ चल रहे प्रयासों का आकलन करने के लिए डीसी कार्यालय में जिला नारको कोऑर्डिनेशन समिति की बैठक ली।
इस दौरान डीसी ने एनडीपीएस मामलों में जमानत और बरी होने, दवाओं की जब्ती और ऐसे मामलों से निपटने में मानक संचालन प्रक्रियाओं के पालन सहित प्रमुख पहलुओं की समीक्षा की। उन्होंने नशीली दवाओं के खतरे से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए प्रवर्तन, उपचार और जागरूकता पर ध्यान केंद्रित करने वाले बहुआयामी दृष्टिकोण की आवश्यकता पर जोर दिया।
इस दौरान थन्नामंडी में एक फार्मेसी का लाइसेंस रद्द कर दिया गया, जबकि एक अन्य बिना लाइसेंस वाली दुकान की पहचान की गई। डीसी ने बिना लाइसेंस वाली दुकान पर दवाओं की खरीद और बिक्री की जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन
निगरानी को और मजबूत करते हुए जिले भर में सभी 797 फार्मेसी दुकानों में अब सीसीटीवी लगाए गए हैं, जबकि 735 दुकानों ने कंप्यूटरीकृत बिलिंग शुरू कर दी है, जिससे पारदर्शिता और दवा बिक्री की निगरानी बढ़ गई है। बैठक में नशा मुक्ति अभियान की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। डीसी ने एडीसी और एसडीएम को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में उचित प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम सुनिश्चित करें ताकि जनता को नशीली दवाओं के दुरुपयोग के हानिकारक प्रभावों के बारे में जागरूक किया जा सके। बैठक में एडीसी राजीव खजूरिया, पीओ आईसीडीएस फरीद कोहली, एसीडी विजय कुमार वर्मा, अतिरिक्त एसपी बिक्रम कुमार, सीएमओ मनोहर राणा, सीईओ, डीएसडब्ल्यूओ अब्दुल रहीम और एचओडी मनोचिकित्सा जीएमसी राजोेरी डॉ. परवेज आलम सहित अन्य मौजूद थे।
विज्ञापन
इस दौरान डीसी ने एनडीपीएस मामलों में जमानत और बरी होने, दवाओं की जब्ती और ऐसे मामलों से निपटने में मानक संचालन प्रक्रियाओं के पालन सहित प्रमुख पहलुओं की समीक्षा की। उन्होंने नशीली दवाओं के खतरे से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए प्रवर्तन, उपचार और जागरूकता पर ध्यान केंद्रित करने वाले बहुआयामी दृष्टिकोण की आवश्यकता पर जोर दिया।
विज्ञापन
इस दौरान थन्नामंडी में एक फार्मेसी का लाइसेंस रद्द कर दिया गया, जबकि एक अन्य बिना लाइसेंस वाली दुकान की पहचान की गई। डीसी ने बिना लाइसेंस वाली दुकान पर दवाओं की खरीद और बिक्री की जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन
निगरानी को और मजबूत करते हुए जिले भर में सभी 797 फार्मेसी दुकानों में अब सीसीटीवी लगाए गए हैं, जबकि 735 दुकानों ने कंप्यूटरीकृत बिलिंग शुरू कर दी है, जिससे पारदर्शिता और दवा बिक्री की निगरानी बढ़ गई है। बैठक में नशा मुक्ति अभियान की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। डीसी ने एडीसी और एसडीएम को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में उचित प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम सुनिश्चित करें ताकि जनता को नशीली दवाओं के दुरुपयोग के हानिकारक प्रभावों के बारे में जागरूक किया जा सके। बैठक में एडीसी राजीव खजूरिया, पीओ आईसीडीएस फरीद कोहली, एसीडी विजय कुमार वर्मा, अतिरिक्त एसपी बिक्रम कुमार, सीएमओ मनोहर राणा, सीईओ, डीएसडब्ल्यूओ अब्दुल रहीम और एचओडी मनोचिकित्सा जीएमसी राजोेरी डॉ. परवेज आलम सहित अन्य मौजूद थे।