राजोरी। देश के पहले शिक्षा मंत्री रहे मौलाना अबुल कलाम आजाद का जन्मदिवस वीरवार को राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के रूप में मनाया गया। इस दौरान उपायुक्त के निर्देश पर सरकारी और निजी स्कूलों में कार्यक्रम आयोजित किए गए। स्कूलों में हुए कार्यक्रम में वक्ताओं ने अबुल कलाम के जीवन पर प्रकाश डाला।
कहा गया कि मौलाना आजाद ने देश के लिए अनगिनत काम किए। स्वतंत्रता संग्राम में बढ़-चढ़कर भाग लिया। हमें चाहिए कि उनकी जीवनी पढ़ें और उनसे सीख लें। साथ ही शिक्षा को बढ़ावा देते हुए उन्नति के पथ पर अग्रसर रहें। जवाहर नगर स्थित हैप्पी होम स्कूल के प्रधानाचार्य नीलू बक्शी ने बताया कि अक्तूबर व नवंबर में चार ऐसी महान हस्तियों ने जन्म लिया जिन्हें इतिहास में सदा याद किया जाता रहेगा। सर सैय्यद अहमद खान, जिनके शिक्षा क्षेत्र में किए गए प्रयास से संसार लाभांवित हो रहा है। प्रसिद्ध कवि अल्लामा इकबाल, राकेट के आविष्कारक टीपू सुल्तान और मौलाना अबुल कलाम आजाद को याद करने के लिए आज हम इकट्ठा हुए हैं। शिक्षा मनुष्य के जीवन को संवारती है, जो लोग शिक्षा को अपना ओढ़ना-बिछौना बनाते हैं, वह सफलता प्राप्त करते हैं। मौलाना अबुल कलाम आजाद विद्वान, वक्ता, इतिहासकार, लेखक और अनुभवी राजनेता थे।