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कश्मीर के टंगमर्ग इलाके में सक्रिय था हिजबुल कमांडर
अमर उजाला/पुंछ
Updated Tue, 17 May 2016 01:36 AM IST
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आईएस के आतंकी
- फोटो : PTI
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सोमवार को पुंछ जिले के साबजियां सेक्टर के चपड़ियां क्षेत्र से नियंत्रण रेखा पार करने की कोशिश में मारा गया हिजबुल कमांडर बिलाल अपने दो साथियों के साथ पीओके भागने की कोशिश में था। बताया जा रहा है कि बिलाल अपने दो साथियों को ट्रेनिंग दिलाने पीओके लेकर जा रहा था। बिलाल बीते पांच से छह वर्षों से घाटी में सक्रिय था।
कश्मीर पुलिस के अनुसार बिलाल बट्ट ने पिछले वर्ष 14 सितंबर को लश्कर-ए-इस्लामिया आतंकी संगठन के तीन आतंकियों की उत्तरी कश्मीर में अपने साथिया के साथ मिलकर हत्या कर दी थी। उसके अलावा भी वह कई आतंकी वारदातों के लिए वांछित था।
उत्तरी कश्मीर में सुरक्षा बलों के बढ़ रहे दबाव और कई आतंकियों के सुरक्षा बलों के हाथों मारे जाने के बाद बिलाल बट्ट अकेला हो गया था। इसके चलते कश्मीर में नये सिरे से संगठन को खड़ा करने की कोशिश के चलते बिलाल दो साथियों को ट्रेनिंग दिलाने ले जा रहा था ताकि पीओके से लौटकर कश्मीर में ही युवाओं को आतंकी संगठन में भर्ती कर स्थानीय स्तर पर ट्रेंड कर सके।
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सूत्रों के मुताबिक उस पार बैठे आकाओं ने उसे पीओके स्थित हिजबुल मुजाहिदीन मुख्यालय में आने को कहा था। यही वजह थी कि वह रविवार देर रात कश्मीर के टंगमर्ग से लोरन ओर वहां से साबजियां होते हुए नियंत्रण रेखा पर स्थित चपड़ियां क्षेत्र में दो अन्य आतंकियों के साथ पहुंचा था। इसके बारे में सोमवार सुबह क्षेत्र के लोगों ने सेना की कलाई बटालियन को जानकारी दी थी। इसके बाद पुलिस और सेना ने उनकी धरपकड़ के लिए अभियान चलाया।
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कश्मीर पुलिस के अनुसार बिलाल बट्ट ने पिछले वर्ष 14 सितंबर को लश्कर-ए-इस्लामिया आतंकी संगठन के तीन आतंकियों की उत्तरी कश्मीर में अपने साथिया के साथ मिलकर हत्या कर दी थी। उसके अलावा भी वह कई आतंकी वारदातों के लिए वांछित था।
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उत्तरी कश्मीर में सुरक्षा बलों के बढ़ रहे दबाव और कई आतंकियों के सुरक्षा बलों के हाथों मारे जाने के बाद बिलाल बट्ट अकेला हो गया था। इसके चलते कश्मीर में नये सिरे से संगठन को खड़ा करने की कोशिश के चलते बिलाल दो साथियों को ट्रेनिंग दिलाने ले जा रहा था ताकि पीओके से लौटकर कश्मीर में ही युवाओं को आतंकी संगठन में भर्ती कर स्थानीय स्तर पर ट्रेंड कर सके।
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सूत्रों के मुताबिक उस पार बैठे आकाओं ने उसे पीओके स्थित हिजबुल मुजाहिदीन मुख्यालय में आने को कहा था। यही वजह थी कि वह रविवार देर रात कश्मीर के टंगमर्ग से लोरन ओर वहां से साबजियां होते हुए नियंत्रण रेखा पर स्थित चपड़ियां क्षेत्र में दो अन्य आतंकियों के साथ पहुंचा था। इसके बारे में सोमवार सुबह क्षेत्र के लोगों ने सेना की कलाई बटालियन को जानकारी दी थी। इसके बाद पुलिस और सेना ने उनकी धरपकड़ के लिए अभियान चलाया।