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गर्भवती महिला की मौत से मचा बवाल
ब्यूरो/अमर उजाला, राजोरी
Updated Sun, 19 Feb 2017 01:15 AM IST
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file photo
- फोटो : अमर उजाला
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जिला अस्पताल में कथित डाक्टरों की लापरवाही से गर्भवती महिला की मौत हो गई। गुस्साए घरवालों ने अस्पताल में तोड़फोड़ कर आरोपी डाक्टर के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। प्रशासन ने भी कार्र्रवाई करते हुए डाक्टर को सस्पेंड कर दिया। अस्पताल में तोड़फोड़ व डाक्टर को सस्पेंड करने के विरोध में अस्पताल स्टाफ हड़ताल पर चला गया।
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मामले के अनुसार शुक्रवार और शनिवार की मध्यरात्रि जिला अस्पताल शहर के बडून निवासी सादिया मिर्जा पत्नी एहसान मिर्जा को शाम करीब सात बजे प्रसव पीड़ा होने पर जिला अस्पताल में लाया गया। मृतक के घरवालों ने आरोप लगाया कि करीब तीन घंटे तक गर्भवती महिला जिला अस्पताल के गाइनी वार्ड में जिंदगी और मौत के बीच तड़पती रही। गाईनी विशेषज्ञ डॉ रकिया बेगम को बार बार फोन करने के बाद भी वह अस्पताल नहीं पहुंची।
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करीब दस बजे महिला ने दम तोड़ दिया। महिला की मौत होते ही उसके परिजनों ने जिला अस्पताल के गाइनी वार्ड में तोड़फोड़ शुरू कर दी। वार्ड का सारा स्टाफ मौके की नजाकत समझते हुए वहां से फरार हो गया। जिला अस्पताल की पुलिस चौकी से पुलिस ने मामला शांत करवाने का हर संभव प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली।
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रात करीब 12 बजे डीएसपी हेडक्वार्टर हमीद चौधरी, डीएसपी आपरेशन, एसएचओ राजोरी अजय सिंह और एडीसी राजोरी मुमताज चौधरी मौके पर पहुंचे और मृतका के परिजनों को शांत करवाया। डीसी राजोरी शब्बीर अहमद बट्ट ने बताया कि एडीसी ने जिला अस्पताल पहुंच मृतका के परिजनों से बात कर डा रकिया को तत्काल सस्पेंड करने के निर्देश दिए और पुलिस को मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू करने के आदेश दिए।
पुलिस ने जिला अस्पताल के गाइनी वार्ड के स्टाफ व डाक्टरों के खिलाफ आरपीसी की धारा 307 के तहत लापरवाही से मौत का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। डीएसपी के अनुसार अभी तक एफआईआर में किसी का नाम दर्ज नहीं किया गया है। जांच की जा रही है और जो कोई दोषी हुआ उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जांच के लिए टीम गठित
मामले को गंभीरता से लेते हुए डीसी एवं जिला मजिस्ट्रेट ने जांच के लिए टीम गठित कर दी है। जिला मजिस्ट्रेट के अनुसार एडीडीसी राजोरी एएस चिब की अध्यक्षता में गठित की गई टीम के साथ डिप्टी सीएमओ डा अनीस अहमद और उप जिला अस्पताल की गाईनी विशेषज्ञ डा मीना शर्मा को रखा गया है। टीम की रिपोर्ट पेश होने के बाद आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
जिला अस्पताल में हड़ताल
रात को तोड़फोड़, पुलिस की एफआईआर व डाक्टर के सस्पेंड होने के बाद शनिवार को जिला अस्पताल के सारे डाक्टर व अन्य स्टाफ हड़ताल पर चले गए। डाक्टरों व अन्य स्टाफ ने जिला प्रशासन से गुहार लगाते हुए कहा कि अस्पताल में सुरक्षा नहीं है व इससे उन्हें काम करने में दिक्कतें पेश आती हैं। आए दिन लोग तोड़ फोड़ व मारपीट करते रहते हैं। जिला अस्पताल में सीआरपीएफ की पोस्ट स्थापित करने और रात को तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की गई।
अस्पताल में होगी पोस्ट
जिला मजिस्ट्रेट ने हड़ताल पर गए डाक्टरों व अन्य कर्मियों के साथ बातचीत की। उन्हें भरोसा दिलाते हुए कहा कि अस्पताल में सीआरपीएफ की पोस्ट खोलने के लिए विचार विमर्श किया जा रहा है। अस्पताल में तोड़फोड़ को लेकर जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि अस्पताल प्रशासन जिन जिन लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाता है। उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी और मामला दर्ज होगा। आश्वासन के बाद हड़ताल खत्म कर डाक्टर व अन्य अपने काम पर लौट आए।