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फर्जी ट्विटर अकाउंट ने मचाई सनसनी
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राजोरी। शनिवार को उस समय हड़कंप मच गया जब एक फर्जी ट्विटर अकाउंट ने नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी गोलाबारी में दस जवानों की मौत व तीन दर्जन जवानों के घायल होने की बात ट्वीट कर दी। अकाउंट चलाने वाले ने खुद को राजोरी जिला अस्पताल का चिकित्सा अधीक्षक बताया है।
डॉ. राजीव त्रिपाठी नाम से ट्विटर पर फर्जी अकाउंट बनाने वाले ने खुद को राजोरी जिला अस्पताल का चिकित्सा अधीक्षक बताया है। इस फर्जी अकाउंट से नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी गोलाबारी में सेना के 10 जवानों के शहीद होने व तीन दर्जन के घायल होने की खबर अपडेट कर सभी को परेशान कर दिया। त्रिपाठी ने यह भी लिखा कि जिला अस्पताल में अभी तक 9 पार्थिव शरीर पहुुंच चुके हैं, जिनमें से एक भरतीय सेना के कैप्टन का शव भी है।
इस ट्वीट के बाद बाहरी राज्यों से भी लोगों ने जिले में अपने सूत्रों से संपर्क कर खबर की प़ष्टि करना शुरू कर दिया। फर्जी एकाउंट चलाने वाले ने बीएसएफ से धमकी मिलने की बात भी लिखी है। उसने लिखा कि उसे बीएसएफ से धमकी मिल रही है, इसलिए वह अपने ट्विटर अकाउंट को डिएक्टिवेट कर रहा है। डीसी राजोरी को जब फर्जी ट्विटर अकाउंट द्वारा गलत खबरें फैलाने के बारे में जानकारी मिली तो उन्होंने भी तुरंत ट्वीट कर डॉ. त्रिपाठी के ट्विटर अकाउंट को फर्जी बताया। डीसी ने बताया कि जिलेभर में इस नाम का कोई डॉक्टर कहीं भी नियुक्त नहीं है और यह एक फर्जी अकाउंट है, जो कि हालात खराब करने के लिए बनाया गया है। डीसी ने लोगों से अपील की कि वे फर्जी अकाउंट पर भरोसा न करें और उन गलत खबरों को आगे शेयर न करें।
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उर्दू न्यूज चैनल पर चल गया ट्वीट
डॉ. त्रिपाठी के नाम से ट्विटर पर जो गलत जानकारी अपडेट की गई, उसे एक उर्दू न्यूज चैनल पर चला भी दिया गया। उर्दू न्यूज चैनल पर डॉ. त्रिपाठी के नाम से लिखा गया कि नियंत्रण रेखा पर भारतीय फौज के एक कैप्टन सहित दस जवानों की मौत व 30 के करीब घायल।
पाकिस्तान की नई चाल
जानकारों की मानें तो यह पाकिस्तान की एक नई चाल है। डॉ. त्रिपाठी के नाम से जो फर्जी अकाउंट बनाया गया है, उसे पाकिस्तान से हैंडल किया जा रहा है। ट्विटर पर डॉ. त्रिपाठी के अधिक फॉलोवर भी भारत से नहीं हैं। इसके अलावा जो अपडेट किया गया, उसे पाकिस्तान के ही किसी उर्दू न्यूज चैनल ने खबर के रूप में चला दिया।
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डॉ. राजीव त्रिपाठी नाम से ट्विटर पर फर्जी अकाउंट बनाने वाले ने खुद को राजोरी जिला अस्पताल का चिकित्सा अधीक्षक बताया है। इस फर्जी अकाउंट से नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी गोलाबारी में सेना के 10 जवानों के शहीद होने व तीन दर्जन के घायल होने की खबर अपडेट कर सभी को परेशान कर दिया। त्रिपाठी ने यह भी लिखा कि जिला अस्पताल में अभी तक 9 पार्थिव शरीर पहुुंच चुके हैं, जिनमें से एक भरतीय सेना के कैप्टन का शव भी है।
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इस ट्वीट के बाद बाहरी राज्यों से भी लोगों ने जिले में अपने सूत्रों से संपर्क कर खबर की प़ष्टि करना शुरू कर दिया। फर्जी एकाउंट चलाने वाले ने बीएसएफ से धमकी मिलने की बात भी लिखी है। उसने लिखा कि उसे बीएसएफ से धमकी मिल रही है, इसलिए वह अपने ट्विटर अकाउंट को डिएक्टिवेट कर रहा है। डीसी राजोरी को जब फर्जी ट्विटर अकाउंट द्वारा गलत खबरें फैलाने के बारे में जानकारी मिली तो उन्होंने भी तुरंत ट्वीट कर डॉ. त्रिपाठी के ट्विटर अकाउंट को फर्जी बताया। डीसी ने बताया कि जिलेभर में इस नाम का कोई डॉक्टर कहीं भी नियुक्त नहीं है और यह एक फर्जी अकाउंट है, जो कि हालात खराब करने के लिए बनाया गया है। डीसी ने लोगों से अपील की कि वे फर्जी अकाउंट पर भरोसा न करें और उन गलत खबरों को आगे शेयर न करें।
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उर्दू न्यूज चैनल पर चल गया ट्वीट
डॉ. त्रिपाठी के नाम से ट्विटर पर जो गलत जानकारी अपडेट की गई, उसे एक उर्दू न्यूज चैनल पर चला भी दिया गया। उर्दू न्यूज चैनल पर डॉ. त्रिपाठी के नाम से लिखा गया कि नियंत्रण रेखा पर भारतीय फौज के एक कैप्टन सहित दस जवानों की मौत व 30 के करीब घायल।
पाकिस्तान की नई चाल
जानकारों की मानें तो यह पाकिस्तान की एक नई चाल है। डॉ. त्रिपाठी के नाम से जो फर्जी अकाउंट बनाया गया है, उसे पाकिस्तान से हैंडल किया जा रहा है। ट्विटर पर डॉ. त्रिपाठी के अधिक फॉलोवर भी भारत से नहीं हैं। इसके अलावा जो अपडेट किया गया, उसे पाकिस्तान के ही किसी उर्दू न्यूज चैनल ने खबर के रूप में चला दिया।