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कच्चा मकान ढहने से बुझ गया घर का इकलौता चिराग
Updated Mon, 11 Jun 2018 12:57 AM IST
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राजोरी। कालाकोट सब डिवीजन के अंतर्गत पड़ने वाले कुरलियां गांव में रविवार की सुबह एक गरीब परिवार पर उस समय कहर टूट पड़ा जब घर के इकलौते बेटे की कच्चे मकान के मलबे के नीचे दबने से दर्दनाक मौत हो गई। बताया जाता है कि पिता भी दिव्यांग है।
जानकारी के अनुसार सुंदर सिंह का बेटा विनय सिंह (17) रविवार की सुबह करीब छह बजे बिस्तर से उठने के साथ ही अपने घर से साथ रहने वाले अपने चाचा बाबू राम के घर टीवी देखने चला गया। वहां वह अपने चचेरे भाई विजय सिंह के साथ टीवी देख रहा था कि अचानक कच्चे कमरे की छत ढह गई और दोनों मलबे के नीचे दब गए। छत ढहने की आवाज सुनकर वहां अफरातफरी मच गई। रोने चिल्लाने की आवाजें सुन कर आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए। तत्काल पुलिस को सूचित कर लोगों ने बचाव कार्य शुरू कर दिया। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद मलबा हटा कर दोनों चचेरे भाइयों को बाहर निकाल कर अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने विनय सिंह को मृत लाया करार दे दिया। दूसरी तरफ प्राथमिक उपचार के बाद विजय को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करने व अन्य औपचारिकताएं पूरी करने के बाद परिवार को सौंप दिया।
मृतक के मामा ने बताया कि विनय अपने मां बाप का इकलौता बेटा था व उसकी तीन बहनेें हैं। उसके पिता पहले से ही दिव्यांग हैं। वह न बोल सकते हैं और सुन सकते हैं। इकलौते बेटे का शव घर पहुंचते ही वहां कोहराम मच गया। पिता को समझ ही नहीं आ रहा था कि क्या हुआ है। मां बिलख-बिलख कर रो रही थी। मृतक बेटे के शव से लिप्ट कर बेहोश हो रही थी। तीनों छोटी बहनों को भी रोते बिलखते देख हर किसी की आंख भर आई।
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इस संबंध में डीसी डॉ. शाहिद इकबाल चौधरी ने बताया कि एडीसी कोटरंका को मौके पर भेज कर रिपोर्ट मांगी गई है। फिलहाल मृतक के परिवार को एक लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जा रही है व रिपोर्ट आने के बाद हर संभव सहायता की जाएगी।
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जानकारी के अनुसार सुंदर सिंह का बेटा विनय सिंह (17) रविवार की सुबह करीब छह बजे बिस्तर से उठने के साथ ही अपने घर से साथ रहने वाले अपने चाचा बाबू राम के घर टीवी देखने चला गया। वहां वह अपने चचेरे भाई विजय सिंह के साथ टीवी देख रहा था कि अचानक कच्चे कमरे की छत ढह गई और दोनों मलबे के नीचे दब गए। छत ढहने की आवाज सुनकर वहां अफरातफरी मच गई। रोने चिल्लाने की आवाजें सुन कर आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए। तत्काल पुलिस को सूचित कर लोगों ने बचाव कार्य शुरू कर दिया। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद मलबा हटा कर दोनों चचेरे भाइयों को बाहर निकाल कर अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने विनय सिंह को मृत लाया करार दे दिया। दूसरी तरफ प्राथमिक उपचार के बाद विजय को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करने व अन्य औपचारिकताएं पूरी करने के बाद परिवार को सौंप दिया।
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मृतक के मामा ने बताया कि विनय अपने मां बाप का इकलौता बेटा था व उसकी तीन बहनेें हैं। उसके पिता पहले से ही दिव्यांग हैं। वह न बोल सकते हैं और सुन सकते हैं। इकलौते बेटे का शव घर पहुंचते ही वहां कोहराम मच गया। पिता को समझ ही नहीं आ रहा था कि क्या हुआ है। मां बिलख-बिलख कर रो रही थी। मृतक बेटे के शव से लिप्ट कर बेहोश हो रही थी। तीनों छोटी बहनों को भी रोते बिलखते देख हर किसी की आंख भर आई।
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इस संबंध में डीसी डॉ. शाहिद इकबाल चौधरी ने बताया कि एडीसी कोटरंका को मौके पर भेज कर रिपोर्ट मांगी गई है। फिलहाल मृतक के परिवार को एक लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जा रही है व रिपोर्ट आने के बाद हर संभव सहायता की जाएगी।