{"_id":"5bbc8819867a5528181ad7da","slug":"11539082265-rajouri-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"वन कटान नहीं रोकने पर फारेस्टर और गार्ड सस्पेंड","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
वन कटान नहीं रोकने पर फारेस्टर और गार्ड सस्पेंड
Updated Tue, 09 Oct 2018 04:21 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजोरी। जम्मू-पुंछ हाईवे स्थित शहर के दलोगड़ा क्षेत्र की वन भूमि पर अवैध रूप से सड़क निर्माण का प्रयास किया गया। जानकारी के अनुसार शनिवार की रात करीब 11 बजे कुछ लोगों ने वन भूमि पर जेसीबी मशीन का प्रयोग कर पेड़ काटने शुरू कर दिए। कुछ सियासी लोगों ने रात के अंधेरे में वन भूमि पर अवैध रूप से सड़क निर्माण के लिए पेड़ों का कटान करवाया है। लोगों के मुताबिक करीब 500 मीटर के दायरे में वन भूमि पर पेड़ों की कटाई की गई है। कंजरवेटर के निर्देश के बाद भी फारेस्टर और गार्ड मौके पर नहीं पहुंचा, जिसके बाद उनको सस्पेंड कर दिया गया।
स्थानीय लोगों ने वन विभाग के अधिकारियों को भी इसकी जानकारी दी, लेकिन कुछ नहीं किया गया। इतना ही नहीं ड्यूटी पर तैनात गार्ड ने भी कोई कार्रवाई नहीं की। करीब चार घंटे तक मशीन के प्रयोग से वन संपत्ति को नुकसान होता रहा। रात को कुछ लोगों ने वन विभाग के कंजरवेटर को फोन पर जानकारी दी तो उन्होंने विभाग के फॉरेस्टर को मौके पर जाकर पेड़ों की कटाई को रोकने के निर्देश दिए, लेकिन कंजरवेटर के आदेश के बाद भी फॉरेस्टर मौके पर नहीं पहुंचे।
रविवार को कंजरवेटर डॉ. जितेंद्र सिंह स्वयं जम्मू से दलोगड़ा पहुंचे व हालात का जायजा लिया। डॉ. सिंह ने बताया कि वन भूमि पर अवैध रूप से सड़क निर्माण के काम को रुकवाने में वन विभाग के अधिकारियों व कर्मियों की सुस्त कार्यप्रणाली रही है। यदि वे समय पर मौके पर पहुंच जेसीबी को रुकवा देते तो नुकसान कम हो सकता था। उन्होंने बताया कि ड्यृटी में लापरवाही बरतने पर फॉरेस्टर गुलाम हसन मिर्जा और ड्यूटी पर तैनात फॉरेस्ट गार्ड मोहम्मद शब्बीर को उन्होंने सस्पेंड कर दिया। अन्य अधिकारियों व कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए डिविजनल फॉरेस्ट अधिकारी (डीएफओ) को लिखा गया है। इतना ही नहीं वन संरक्षण बल के असिस्टेंट डायरेक्टर को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे मामले की जांच करें और जिन लोगों ने अवैध रूप से वन भूमि पर जेसीबी मशीन चलाई व वन संपत्ति को नुकसान पहुंचाया, उनकी पहचान कर पुलिस में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करें। उन्होंने बताया कि जिस भूमि पर अवैध कटाई की गई है, उस पर जल्द ही फेंसिंग की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
स्थानीय लोगों ने वन विभाग के अधिकारियों को भी इसकी जानकारी दी, लेकिन कुछ नहीं किया गया। इतना ही नहीं ड्यूटी पर तैनात गार्ड ने भी कोई कार्रवाई नहीं की। करीब चार घंटे तक मशीन के प्रयोग से वन संपत्ति को नुकसान होता रहा। रात को कुछ लोगों ने वन विभाग के कंजरवेटर को फोन पर जानकारी दी तो उन्होंने विभाग के फॉरेस्टर को मौके पर जाकर पेड़ों की कटाई को रोकने के निर्देश दिए, लेकिन कंजरवेटर के आदेश के बाद भी फॉरेस्टर मौके पर नहीं पहुंचे।
विज्ञापन
रविवार को कंजरवेटर डॉ. जितेंद्र सिंह स्वयं जम्मू से दलोगड़ा पहुंचे व हालात का जायजा लिया। डॉ. सिंह ने बताया कि वन भूमि पर अवैध रूप से सड़क निर्माण के काम को रुकवाने में वन विभाग के अधिकारियों व कर्मियों की सुस्त कार्यप्रणाली रही है। यदि वे समय पर मौके पर पहुंच जेसीबी को रुकवा देते तो नुकसान कम हो सकता था। उन्होंने बताया कि ड्यृटी में लापरवाही बरतने पर फॉरेस्टर गुलाम हसन मिर्जा और ड्यूटी पर तैनात फॉरेस्ट गार्ड मोहम्मद शब्बीर को उन्होंने सस्पेंड कर दिया। अन्य अधिकारियों व कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए डिविजनल फॉरेस्ट अधिकारी (डीएफओ) को लिखा गया है। इतना ही नहीं वन संरक्षण बल के असिस्टेंट डायरेक्टर को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे मामले की जांच करें और जिन लोगों ने अवैध रूप से वन भूमि पर जेसीबी मशीन चलाई व वन संपत्ति को नुकसान पहुंचाया, उनकी पहचान कर पुलिस में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करें। उन्होंने बताया कि जिस भूमि पर अवैध कटाई की गई है, उस पर जल्द ही फेंसिंग की जाएगी।
विज्ञापन