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अस्पताल के लिए नई सीटी स्कैन मशीन मंगवाने के प्रयास जारी : डीसी
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राजोरी। कोरोना महामारी के कठिन समय में सरकारी मेडिकल कॉलेज राजोेरी में स्थापित कंप्यूट्राइजड टोमोग्राफी (सीटी) स्कैन मशीन अपने पुराने संस्करण और सिंगल स्लाइस प्रकृति के कारण फेफड़ों के संक्रमण का पता लगाने के लिए बेकार साबित हो रही है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार राजोेरी जीएमसी में वर्षों पहले लगी मशीन खराब पड़ी है। चार माह पहले इसकी मरम्मत की गई थी।
हालांकि यह मशीन कोविड महामारी के कठिन समय में अपनी सिंगल स्लाइस प्रकृति और छाती क्षेत्र का उचित सीटी स्कैन परीक्षण करने में असमर्थता के कारण बेकार साबित हो रही है। राजोेरी में कई कोविड पॉजिटिव को डॉक्टरों द्वारा फेफड़ों में संक्रमण के स्तर का पता लगाने के लिए चेस्ट सीटी सीटी स्कैन कराने का सुझाव दिया जा रहा है। जीएमसी की मशीन पुरानी होने के कारण ऐसे मरीजों के पास निजी तौर पर सीटी स्कैन कराने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।
जीएमसी राजोेरी के डॉक्टरों ने नाम न छापने की शर्त पर बताय कि हमारी वर्तमान मशीन लगभग पुरानी है और सिंगल स्लाइस है, जबकि चिकित्सा क्षेत्र में 16 या 32 स्लाइस सीटी स्कैन मशीन को बुनियादी माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि 16 या 32 स्लाइस अपडेटेड मशीन की जरूरत है, खासकर जब बात कोविड संक्रमण के निदान के लिए फेफड़ों और छाती का सीटी स्कैन करने की हो, तो मौजूदा मशीन बेकार मानी जा रही है।
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जीएमसी में एक सीटी स्कैन मशीन पहले से स्थापित है। हम अस्पताल में एक अपडेटेड मशीन लगाने की कोशिश कर रहे हैं। इसे खरीदने की प्रक्रिया चल रही है।
-राजेश के. शवन, उपायुक्त, राजोेरी
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हालांकि यह मशीन कोविड महामारी के कठिन समय में अपनी सिंगल स्लाइस प्रकृति और छाती क्षेत्र का उचित सीटी स्कैन परीक्षण करने में असमर्थता के कारण बेकार साबित हो रही है। राजोेरी में कई कोविड पॉजिटिव को डॉक्टरों द्वारा फेफड़ों में संक्रमण के स्तर का पता लगाने के लिए चेस्ट सीटी सीटी स्कैन कराने का सुझाव दिया जा रहा है। जीएमसी की मशीन पुरानी होने के कारण ऐसे मरीजों के पास निजी तौर पर सीटी स्कैन कराने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।
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जीएमसी राजोेरी के डॉक्टरों ने नाम न छापने की शर्त पर बताय कि हमारी वर्तमान मशीन लगभग पुरानी है और सिंगल स्लाइस है, जबकि चिकित्सा क्षेत्र में 16 या 32 स्लाइस सीटी स्कैन मशीन को बुनियादी माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि 16 या 32 स्लाइस अपडेटेड मशीन की जरूरत है, खासकर जब बात कोविड संक्रमण के निदान के लिए फेफड़ों और छाती का सीटी स्कैन करने की हो, तो मौजूदा मशीन बेकार मानी जा रही है।
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जीएमसी में एक सीटी स्कैन मशीन पहले से स्थापित है। हम अस्पताल में एक अपडेटेड मशीन लगाने की कोशिश कर रहे हैं। इसे खरीदने की प्रक्रिया चल रही है।
-राजेश के. शवन, उपायुक्त, राजोेरी