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डीसी राजोरी ने उचित मुआवजे का अधिकार, भूमि अधिग्रहण में पारदर्शिता कार्यान्वयन की समीक्षा की
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राजोेरी। उपायुक्त विकास कुंडल ने जिले में भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्वास अधिनियम में उचित मुआवजा और पारदर्शिता के अधिकार के तहत मुआवजे के कार्यान्वयन की समीक्षा के लिए बैठक की। बैठक में भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन अधिनियम में उचित मुआवजा एवं पारदर्शिता के अधिकार के प्रावधानों के तहत सामाजिक अध्ययन के प्रभाव से संबंधित मामलों पर विचार-विमर्श किया गया।
उपायुक्त ने कहा कि अधिनियम भूमि अधिग्रहण को नियंत्रित करता है, और प्रभावित व्यक्तियों को मुआवजा, पुनर्वास प्रदान करने के लिए प्रक्रिया और नियम निर्धारित करता है। अधिनियम में उन लोगों को उचित मुआवजा प्रदान करने के प्रावधान है, जिनकी भूमि अधिग्रहीत की गई है। कारखानों या भवनों की स्थापना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाता है। ढांचागत परियोजनाएं और प्रभावित लोगों के पुनर्वास का आश्वासन देता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अधिनियम के कार्यान्वयन से पहले, जम्मू-कश्मीर का अपना भूमि मुआवजा अधिनियम था और समय की आवश्यकता है, कि जनता को नए पुनर्वास अधिनियम के प्रावधानों के बारे में इसके प्रभावी कार्यान्वयन के बारे में शिक्षित किया जाए।
डीसी ने संबंधित अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा कि विकास परियोजनाओं के लिए अधिग्रहीत भूमि के लिए मालिकों को उचित मुआवजा प्रदान किया जाए। उन्होंने कहा कि भूमि मालिकों को मुआवजे का भुगतान न होना, विकास परियोजनाओं के समय पर क्रियान्वयन में एक बड़ी बाधा है। उन्होंने विकासात्मक उद्देश्यों के लिए अधिग्रहीत की जाने वाली भूमि के हिस्से के लिए फास्ट ट्रैक मूल्यांकन और राजस्व कागजात तैयार करने पर भी जोर दिया।
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उपायुक्त ने कहा कि अधिनियम भूमि अधिग्रहण को नियंत्रित करता है, और प्रभावित व्यक्तियों को मुआवजा, पुनर्वास प्रदान करने के लिए प्रक्रिया और नियम निर्धारित करता है। अधिनियम में उन लोगों को उचित मुआवजा प्रदान करने के प्रावधान है, जिनकी भूमि अधिग्रहीत की गई है। कारखानों या भवनों की स्थापना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाता है। ढांचागत परियोजनाएं और प्रभावित लोगों के पुनर्वास का आश्वासन देता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अधिनियम के कार्यान्वयन से पहले, जम्मू-कश्मीर का अपना भूमि मुआवजा अधिनियम था और समय की आवश्यकता है, कि जनता को नए पुनर्वास अधिनियम के प्रावधानों के बारे में इसके प्रभावी कार्यान्वयन के बारे में शिक्षित किया जाए।
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डीसी ने संबंधित अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा कि विकास परियोजनाओं के लिए अधिग्रहीत भूमि के लिए मालिकों को उचित मुआवजा प्रदान किया जाए। उन्होंने कहा कि भूमि मालिकों को मुआवजे का भुगतान न होना, विकास परियोजनाओं के समय पर क्रियान्वयन में एक बड़ी बाधा है। उन्होंने विकासात्मक उद्देश्यों के लिए अधिग्रहीत की जाने वाली भूमि के हिस्से के लिए फास्ट ट्रैक मूल्यांकन और राजस्व कागजात तैयार करने पर भी जोर दिया।
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