{"_id":"5d375d6c8ebc3e6c914ab391","slug":"aniti-coruption-beuru-rajouri-news-jmu189953716","type":"story","status":"publish","title_hn":"वीएलडब्ल्यू के खिलाफ एंटी करप्शन कोर्ट राजोरी में चालान पेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वीएलडब्ल्यू के खिलाफ एंटी करप्शन कोर्ट राजोरी में चालान पेश
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजोरी। एंटी करप्शन ब्यूरो ने ग्रामीण विकास विभाग के विलेज लेवल वर्कर (वीएलडब्ल्यू) के खिलाफ रिश्वत लेने के आरोप में कोर्ट में चालान पेश किया है। ब्यूरो की तरफ से जारी प्रेस नोट के अनुसार थन्नामंडी तहसील के बहरोट गांव के निवासी वीएलडब्ल्यू मोहम्मद फारूक के खिलाफ शिकायतकर्ता इरफान मिर्जा निवासी पलांगड़ थन्नामंडी से 10000 रुपये की रिश्वत मांगने और स्वीकार करने के आरोपों पर एफआईआर दर्ज की थी।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उन्हें ब्लॉक पलांगड़ के भट्टियां गांव में एमएलसी के निर्वाचन क्षेत्र विकास फंड के तहत पानी की टंकी के निर्माण का काम आवंटित किया गया था। उन्होंने उक्त कार्य को पूरा कर लिया और फिर वीएलडब्ल्यू मोहम्मद फारूक ने आवंटित किए गए उपरोक्त कार्य के भुगतान को जारी करने के लिए रिश्वत की मांग की। शिकायतकर्ता उक्त कार्य के लिए कोई कमीशन नहीं देना चाहता थ और उसने उक्त वीएलडब्ल्यू के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए अपील की। वहीं उसकी शिकायत पर मामला दर्ज किया गया और वीएलडब्ल्यू को रंगे हाथों रिश्वत लेते ट्रैप करने के लिए टीम गठित की गई। वहीं 26 सितंबर 2017 को स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में एंटी करप्शन ब्यूरो की ट्रैप टीम ने वीएलडब्ल्यू को 10,000 रुपये की रिश्वत मांगने और स्वीकार करते हुए रंगे हाथों पकड़ा। वहीं आरोपी व्यक्ति उसके बाद गिरफ्तार किया गया और 5.10.2017 को विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निरोधक राजोरी ने उसे जमानत पर रिहा कर दिया। एंटी करप्शन ब्यूरो द्वारा इस मामले में आगे की जाँच ने ब्लॉक पलांगड़ में तैनात वीएलडब्ल्यू मोहम्मद फारूक के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों को साबित कर दिया। वहीं मामले की जांच पूरी करने के बाद, अभियुक्त के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी सक्षम प्राधिकारी और एंटी करप्शन ब्यूरो से प्राप्त हुई, उसके खिलाफ मंगलवार को एंटी करप्शन कोर्ट राजोरी के समक्ष आरोप पत्र प्रस्तुत किया गया। वहीं सुनवाई की अगली तारीख 23/08/2019 तय की गई है।
विज्ञापन
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उन्हें ब्लॉक पलांगड़ के भट्टियां गांव में एमएलसी के निर्वाचन क्षेत्र विकास फंड के तहत पानी की टंकी के निर्माण का काम आवंटित किया गया था। उन्होंने उक्त कार्य को पूरा कर लिया और फिर वीएलडब्ल्यू मोहम्मद फारूक ने आवंटित किए गए उपरोक्त कार्य के भुगतान को जारी करने के लिए रिश्वत की मांग की। शिकायतकर्ता उक्त कार्य के लिए कोई कमीशन नहीं देना चाहता थ और उसने उक्त वीएलडब्ल्यू के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए अपील की। वहीं उसकी शिकायत पर मामला दर्ज किया गया और वीएलडब्ल्यू को रंगे हाथों रिश्वत लेते ट्रैप करने के लिए टीम गठित की गई। वहीं 26 सितंबर 2017 को स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में एंटी करप्शन ब्यूरो की ट्रैप टीम ने वीएलडब्ल्यू को 10,000 रुपये की रिश्वत मांगने और स्वीकार करते हुए रंगे हाथों पकड़ा। वहीं आरोपी व्यक्ति उसके बाद गिरफ्तार किया गया और 5.10.2017 को विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निरोधक राजोरी ने उसे जमानत पर रिहा कर दिया। एंटी करप्शन ब्यूरो द्वारा इस मामले में आगे की जाँच ने ब्लॉक पलांगड़ में तैनात वीएलडब्ल्यू मोहम्मद फारूक के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों को साबित कर दिया। वहीं मामले की जांच पूरी करने के बाद, अभियुक्त के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी सक्षम प्राधिकारी और एंटी करप्शन ब्यूरो से प्राप्त हुई, उसके खिलाफ मंगलवार को एंटी करप्शन कोर्ट राजोरी के समक्ष आरोप पत्र प्रस्तुत किया गया। वहीं सुनवाई की अगली तारीख 23/08/2019 तय की गई है।
विज्ञापन