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गांव को छोड़ जंगल से सड़क निकाले जाने का विरोध
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जंगल के बीच से सड़क नकाले जाने का वरोध करते ग्रामीण।
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राजोरी। सीमावर्ती गांव रछवा से अंदरोठ जाने वाली पांच किलोमीटर सड़क का नक्शा बदले जाने को लेकर ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर रोष प्रकट किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उक्त सड़क को जहां से निकाला जा रहा है वह जंगल ही जंगल है। इस सड़क से जहां एक तरफ गांव वालों को लाभ नहीं मिलेगा। दूसरी ओर जंगल में लगे पेड़ काटने से पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचेगा।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इसे बस्ती से निकाला जाए, ताकि लोगों को लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि पीएमजीएसवाई विभाग वीरान जंगली एरिया से सड़क को निकाल कर पैसे का दुरुपयोग कर रहा है। इस रोड को जंगल के क्षेत्र से निकाल रहा है, जबकि इस रोड का लोगों को कोई लाभ नहीं है।
लोगों ने इसको लेकर पीएमजीएसवाई के खिलाफ प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि पीएमजीएसवाई विभाग कुछ लोगों के कहने पर रोड के नक्शे को गलत दिशा में ले जा रहा है। इसे हम बर्दाश्त नहीं करेंगे और भूख हड़ताल शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस सड़क के लिए तीन करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। अगर इतना पैसा देने के बाद भी लोगों को इसका लाभ न मिले तो यह सरकारी फंड का दुरुपयोग होगा। इसके खिलाफ लोग कुछ भी करने को तैयार हैं।
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प्रदर्शनकारियों ने उपायुक्त और विभाग के उच्च अधिकारियों से गुहार लगाते हुए कहा कि वे जल्द से जल्द सड़क को गांव के बीच से निकालें, ताकि आम जनता को इसका लाभ पहुंच सके और जंगल से पेड़ाें की कटाई को भी बचाया जा सके।
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प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इसे बस्ती से निकाला जाए, ताकि लोगों को लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि पीएमजीएसवाई विभाग वीरान जंगली एरिया से सड़क को निकाल कर पैसे का दुरुपयोग कर रहा है। इस रोड को जंगल के क्षेत्र से निकाल रहा है, जबकि इस रोड का लोगों को कोई लाभ नहीं है।
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लोगों ने इसको लेकर पीएमजीएसवाई के खिलाफ प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि पीएमजीएसवाई विभाग कुछ लोगों के कहने पर रोड के नक्शे को गलत दिशा में ले जा रहा है। इसे हम बर्दाश्त नहीं करेंगे और भूख हड़ताल शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस सड़क के लिए तीन करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। अगर इतना पैसा देने के बाद भी लोगों को इसका लाभ न मिले तो यह सरकारी फंड का दुरुपयोग होगा। इसके खिलाफ लोग कुछ भी करने को तैयार हैं।
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प्रदर्शनकारियों ने उपायुक्त और विभाग के उच्च अधिकारियों से गुहार लगाते हुए कहा कि वे जल्द से जल्द सड़क को गांव के बीच से निकालें, ताकि आम जनता को इसका लाभ पहुंच सके और जंगल से पेड़ाें की कटाई को भी बचाया जा सके।