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राजोरी मे विकसित होंगे 29 मॉडल आंगनवाड़ी केंद्र जिले के सभी 1669 आंगनवाड़ी केन्द्रो मे पेयजल सुविधा उपलब्ध करने के दिए निर्देश
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राजोेरी। उपायुक्त विकास कुंडल ने आईसीडीएस और समाज कल्याण विभाग के विकासात्मक कार्यों की उपलब्धि की समीक्षा के लिए शनिवार को बैठक की। बैठक में वृद्धाश्रम की स्थापना, अनाथालयों के कामकाज में सुधार, नारी निकेतन एवं आंगनबाड़ी केंद्रों का सौंदर्यीकरण, ईसीसीई नन्हें कदम, आईसीडीएस लाभार्थियों को इलेक्ट्रॉनिक स्वास्थ्य कार्ड जारी करने और पेंशन के निर्धारित लक्ष्यों पर चर्चा की गई।
बैठक में बताया गया कि जिले में एक नारी निकेतन एवं चार बाल आश्रम कार्यरत हैं। वृद्धाश्रम स्थापित करने की प्रक्रिया प्रगति पर है। बैठक में यह भी बताया गया कि 160 पंचायतों में पेंशनभोगियों की सूची प्रदर्शित कर दी गई है। अर्ली चाइल्ड हुड केयर एजुकेशन (ईसीसीई) नन्हें कदम के संबंध में प्रोग्राम ऑफिसर (पीओ) आईसीडीएस ने बताया कि सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में पहल शुरू की गई है। वहीं कार्यरत आंगनबाड़ी केंद्रों पर चर्चा करते हुए कार्यक्रम अधिकारी (पीओ) ने बताया कि जिले में 1669 केंद्र हैं। सरकारी भवनों में 29 केंद्र कार्यरत हैं। डीडीसी ने उन्हें मॉडल आंगनबाड़ी केंद्रों में विकसित करने को कहा। इन केंद्रों में सभी रसद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पीओ आईसीडीएस को निर्देशित किया गया।
बताया गया कि जिले के 70 प्रतिशत केंद्रों के सौंदर्यीकरण का काम पूरा कर लिया गया है। इन्हें विजीबल आंगनबाड़ी केंद्र का नाम दिया गया है। केंद्रों पेयजल सुविधाओं की समीक्षा करते हुए उपायुक्त डीडीसी ने अधिकारियों को उन केंद्रों की सूची प्रस्तुत करने को कहा, जहां पीने के पानी की सुविधा नहीं है, ताकि इसे जल्द से जल्द सुनिश्चित किया जा सके।
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बैठक में बताया गया कि जिले में एक नारी निकेतन एवं चार बाल आश्रम कार्यरत हैं। वृद्धाश्रम स्थापित करने की प्रक्रिया प्रगति पर है। बैठक में यह भी बताया गया कि 160 पंचायतों में पेंशनभोगियों की सूची प्रदर्शित कर दी गई है। अर्ली चाइल्ड हुड केयर एजुकेशन (ईसीसीई) नन्हें कदम के संबंध में प्रोग्राम ऑफिसर (पीओ) आईसीडीएस ने बताया कि सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में पहल शुरू की गई है। वहीं कार्यरत आंगनबाड़ी केंद्रों पर चर्चा करते हुए कार्यक्रम अधिकारी (पीओ) ने बताया कि जिले में 1669 केंद्र हैं। सरकारी भवनों में 29 केंद्र कार्यरत हैं। डीडीसी ने उन्हें मॉडल आंगनबाड़ी केंद्रों में विकसित करने को कहा। इन केंद्रों में सभी रसद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पीओ आईसीडीएस को निर्देशित किया गया।
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बताया गया कि जिले के 70 प्रतिशत केंद्रों के सौंदर्यीकरण का काम पूरा कर लिया गया है। इन्हें विजीबल आंगनबाड़ी केंद्र का नाम दिया गया है। केंद्रों पेयजल सुविधाओं की समीक्षा करते हुए उपायुक्त डीडीसी ने अधिकारियों को उन केंद्रों की सूची प्रस्तुत करने को कहा, जहां पीने के पानी की सुविधा नहीं है, ताकि इसे जल्द से जल्द सुनिश्चित किया जा सके।
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