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डीएम को पुलिस थाने के गेट पर डेढ़ घंटे इंतजार करवाने का मामला
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राजोरी। उपायुक्त राजेश राजेश कुमार शवन को शनिवार शाम को राजोरी थाने के अंदर आने के लिए गेट न खोलने और करीब डेढ़ घंटे तक गेट पर खड़े इंतजार करने के मामले का कड़ा संज्ञान लेते हुए उपराज्यपाल शासन ने जिला प्रशासन और पुलिस से रिपोर्ट मांगी है।
सूत्र ने बताया कि एलजी सरकार ने डीसी एवं पुलिस से रिपोर्ट मांगी है कि किन कारणोें से डीएम को थाने के अंदर जाने के लिए गेट नहीं खोला गया। डीएम किस बात की जांच करने के लिए थाने जा रहे थे। हालांकि इस बात की पुष्टि करने के लिए पुलिस या सिविल प्रशासन का कोई भी अधिकारी तैयार नहीं है, लेकिन सूत्रों के अनुसार एलजी शासन ने मामले का कड़ा संज्ञान लिया है। डीएम की बेअदबी क्यों की गई और पूरे मामले का कड़ा संज्ञान लिया गया है।
याद रहे कि शनिवार को करीब 7:00 बजे उपायुक्त जब एडीसी सचिन देव सिंह और एसीआर सहित थाने में औचक निरीक्षण के लिए पहुंचे थे, लेकिन पुलिस ने उनके लिए गेट नहीं खोला और उन्हें करीब डेढ़ घंटे थाने के बाहर इंतजार करना पड़ा। करीब डेढ़ घंटे बाद जब एएसपी विवेक शेखर थाने पहुंचे तो डीसी को अपने साथ थाने के भीतर ले गए। डीसी कुछ पल थाने के अंदर रुके और अपने कार्यालय लौट आए, और सारे मामले की जानकारी डीजीपी को लिखित में दी।
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सूत्र ने बताया कि एलजी सरकार ने डीसी एवं पुलिस से रिपोर्ट मांगी है कि किन कारणोें से डीएम को थाने के अंदर जाने के लिए गेट नहीं खोला गया। डीएम किस बात की जांच करने के लिए थाने जा रहे थे। हालांकि इस बात की पुष्टि करने के लिए पुलिस या सिविल प्रशासन का कोई भी अधिकारी तैयार नहीं है, लेकिन सूत्रों के अनुसार एलजी शासन ने मामले का कड़ा संज्ञान लिया है। डीएम की बेअदबी क्यों की गई और पूरे मामले का कड़ा संज्ञान लिया गया है।
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याद रहे कि शनिवार को करीब 7:00 बजे उपायुक्त जब एडीसी सचिन देव सिंह और एसीआर सहित थाने में औचक निरीक्षण के लिए पहुंचे थे, लेकिन पुलिस ने उनके लिए गेट नहीं खोला और उन्हें करीब डेढ़ घंटे थाने के बाहर इंतजार करना पड़ा। करीब डेढ़ घंटे बाद जब एएसपी विवेक शेखर थाने पहुंचे तो डीसी को अपने साथ थाने के भीतर ले गए। डीसी कुछ पल थाने के अंदर रुके और अपने कार्यालय लौट आए, और सारे मामले की जानकारी डीजीपी को लिखित में दी।
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