{"_id":"60c4fed58ebc3e4454214575","slug":"accident-rajouri-news-jmu2371958128","type":"story","status":"publish","title_hn":"संदिग्ध परिस्थितियों में घर में लगी आग सब कुछ जलकर हुआ राख","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संदिग्ध परिस्थितियों में घर में लगी आग सब कुछ जलकर हुआ राख
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजोरी। कालाकोट तहसील के रणथल गांव में स्थित एक मकान में शुक्रवार देर रात को भीषण आग लगने से घर के अंदर रखा ज्यादातर सामान जलकर खाक हो गया है। संदिग्ध परिस्थितियों में घर में लगी इस आग से पांच महिलाओं सहित नौ सदस्यों का परिवार बेघर हो गया। हालांकि परिवार के किसी सदस्य को शारीरिक रूप से कोई हानि नहीं हुई है। ऐसे में लोगों ने पीड़ित परिवार की मदद करते हुए खाना दिया और सेना ने सिर ढंकने के लिए टेंट की व्यवस्था की है। परिवार ने जिला प्रशासन से मांग की है कि उनकी किसी भी प्रकार सहायता की जाए।
जानकारी के अनुसार मकान के अंदर रखा फर्नीचर, कपड़े, आदि जलकर राख हो गए और नौ लोगों का परिवार खुले आसमान के नीचे आने पर मजबूर हो गया। पीड़ित परिवार के मालिक राजेंद्र कुमार ने बताया कि शुक्रवार देर रात गर्मी के चलते उनका पूरा परिवार आंगन में सोया था, जबकि उनका एक बेटा छत पर सो रहा था। रात को करीब साढ़े 11 बजे एक बेटा उठा तो देखा कि घर से धुआं निकल रहा है। बेटे ने शोर मचा कर घर के अन्य सदस्यों को जगाया। आवाज सुन कर पड़ोसी भी जमा हो गए।
राजेंद्र ने बताया कि सभी लोगों ने मिलकर आग बुझाने का प्रयास तो किया, लेकिन आग इतनी भीषण थी कि कुछ ही पलों में उसने पूरे घर को जलाकर राख कर दिया। घर में मौजूद दो कच्चे कमरे और उनमें रखा सामान भी राख का ढेर बन गया। परिवार में चार बेटियां, तीन बेटों और पत्नी को मिलाकर कुल नौ लोग हैं। सबके सिर्फ वही कपड़े बचे हैं जो उन्होंने पहन रखे थे। ऐसे में पूरी परिवार झुलसा देने वाली धूप में खुले आसमान के नीचे आ गए हैं।
विज्ञापन
वहीं, शनिवार को तहसीलदार ने घटनास्थल पर पहुंचकर नुकसान का जायजा लिया और उपायुक्त को रिपोर्ट सौंपी। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार को कोई मदद नहीं मिली थी। इधर, भारतीय सेना ने मदद का हाथ बढ़ाते हुए परिवार को रहने के लिए टेंट आदि सुविधाएं प्रदान की हैं और पड़ोसियों ने खाना वगैरह दिया है। पीड़ित परिवार और अन्य लोगों ने प्रशासन से किसी भी रूप में तत्काल मदद की गुहार लगाई, ताकि परिवार भुखमरी और तपती धूप में न मर जाए।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार मकान के अंदर रखा फर्नीचर, कपड़े, आदि जलकर राख हो गए और नौ लोगों का परिवार खुले आसमान के नीचे आने पर मजबूर हो गया। पीड़ित परिवार के मालिक राजेंद्र कुमार ने बताया कि शुक्रवार देर रात गर्मी के चलते उनका पूरा परिवार आंगन में सोया था, जबकि उनका एक बेटा छत पर सो रहा था। रात को करीब साढ़े 11 बजे एक बेटा उठा तो देखा कि घर से धुआं निकल रहा है। बेटे ने शोर मचा कर घर के अन्य सदस्यों को जगाया। आवाज सुन कर पड़ोसी भी जमा हो गए।
विज्ञापन
राजेंद्र ने बताया कि सभी लोगों ने मिलकर आग बुझाने का प्रयास तो किया, लेकिन आग इतनी भीषण थी कि कुछ ही पलों में उसने पूरे घर को जलाकर राख कर दिया। घर में मौजूद दो कच्चे कमरे और उनमें रखा सामान भी राख का ढेर बन गया। परिवार में चार बेटियां, तीन बेटों और पत्नी को मिलाकर कुल नौ लोग हैं। सबके सिर्फ वही कपड़े बचे हैं जो उन्होंने पहन रखे थे। ऐसे में पूरी परिवार झुलसा देने वाली धूप में खुले आसमान के नीचे आ गए हैं।
विज्ञापन
वहीं, शनिवार को तहसीलदार ने घटनास्थल पर पहुंचकर नुकसान का जायजा लिया और उपायुक्त को रिपोर्ट सौंपी। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार को कोई मदद नहीं मिली थी। इधर, भारतीय सेना ने मदद का हाथ बढ़ाते हुए परिवार को रहने के लिए टेंट आदि सुविधाएं प्रदान की हैं और पड़ोसियों ने खाना वगैरह दिया है। पीड़ित परिवार और अन्य लोगों ने प्रशासन से किसी भी रूप में तत्काल मदद की गुहार लगाई, ताकि परिवार भुखमरी और तपती धूप में न मर जाए।