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विस्फोट की जांच के लिए सिट का गठन
Rajouri
Updated Tue, 01 Jul 2014 05:32 AM IST
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राजोरी। 25 जून को पुंछ जिले के बालाकोट क्षेत्र में नायब तहसीलदार के कार्यालय में विस्फोट कर दफ्तर को उड़ाने वालों की पहचान कर उन्हें धर दबोचने के लिए सिट का गठन किया गया है। र्डीआईजी राजोरी -पुंछ रेंज अशोक कुमार अत्री द्वारा सिट का गठन कर जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करने के निर्देश जारी किए हैं।
जानकारी के अनुसार डीआईजी अत्री ने पुंछ के एएसपी अमित गुप्ता की अध्यक्षता में सिट का गठन किया है। एसडीपीओ मेंडर सुरिंद्र चौधरी और डीएसपी आपेरशन पुंछ जावेद नाज और एसएचओ पुलिस थाना गुरसाई सिट के अन्य सदस्य होंगे। एएसपी को कड़े निर्देश जारी किए गए हैं कि वह जल्द ही विस्फोट करने वालों क ो पता लगाएं। इन अधिकारियों को डीआईजी द्वारा निर्देश जारी किए गए हैं कि वह घटनास्थल पर डेरा डालें और मामले की गहराई से जांच करें। सूत्रों के अनुसार डीआईजी ने मेंढर, गुरसाई व आसपास के क्षेत्रों में आतंकवादियों के ओवर ग्राउंड वर्करों और आत्मसमर्पण किए हुए आतंकवादियों से कड़ी पूछताछ करने के भी निर्देश जारी किए हैं। उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर कोई सुराग जरूर हाथ लगेगा। डीआईजी ने सिट को निर्देश देते हुए कहा कि वह क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य में प्रयोग किए जाने वाले विस्फोटक पदार्थ की भी जांच करें। उल्लेखनीय है कि 25 जून की रात को बालाकोट के नायब तहसीलदार कार्यालय में विस्फोट कर उसे उड़ा दिया गया था। 26 जून को ही नए नायब तहसीलदार ने वहां ज्वाइन करना था। बालाकोट नायब तहसीलदार का पद पिछले करीब चार महीनों से रिक्त पड़ा था। चार महीने बाद हाजी मुनीर को बतौर नायब तहसीलदार वहां ज्वाइन करना था।
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जानकारी के अनुसार डीआईजी अत्री ने पुंछ के एएसपी अमित गुप्ता की अध्यक्षता में सिट का गठन किया है। एसडीपीओ मेंडर सुरिंद्र चौधरी और डीएसपी आपेरशन पुंछ जावेद नाज और एसएचओ पुलिस थाना गुरसाई सिट के अन्य सदस्य होंगे। एएसपी को कड़े निर्देश जारी किए गए हैं कि वह जल्द ही विस्फोट करने वालों क ो पता लगाएं। इन अधिकारियों को डीआईजी द्वारा निर्देश जारी किए गए हैं कि वह घटनास्थल पर डेरा डालें और मामले की गहराई से जांच करें। सूत्रों के अनुसार डीआईजी ने मेंढर, गुरसाई व आसपास के क्षेत्रों में आतंकवादियों के ओवर ग्राउंड वर्करों और आत्मसमर्पण किए हुए आतंकवादियों से कड़ी पूछताछ करने के भी निर्देश जारी किए हैं। उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर कोई सुराग जरूर हाथ लगेगा। डीआईजी ने सिट को निर्देश देते हुए कहा कि वह क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य में प्रयोग किए जाने वाले विस्फोटक पदार्थ की भी जांच करें। उल्लेखनीय है कि 25 जून की रात को बालाकोट के नायब तहसीलदार कार्यालय में विस्फोट कर उसे उड़ा दिया गया था। 26 जून को ही नए नायब तहसीलदार ने वहां ज्वाइन करना था। बालाकोट नायब तहसीलदार का पद पिछले करीब चार महीनों से रिक्त पड़ा था। चार महीने बाद हाजी मुनीर को बतौर नायब तहसीलदार वहां ज्वाइन करना था।
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