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हादसों को न्योता दे रहे बंदर
Rajouri
Updated Wed, 21 Nov 2012 12:00 PM IST
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राजोरी। जम्मू से राजोरी राजमार्ग पर हर जगह बंदर होने से हादसों की आशंका बनी हुई है। अचानक सड़क के बीच आ जाने पर वाहन चालक वाहन पर से नियंत्रण खोने को मजबूर हो रहे हैं। राहगीर सड़क पर खाने पीने की चीजे फेंक देते हैं, इससे वह लोग सड़क के किनारे या फिर सड़क के बीच ही बैठे रहते हैं।
जानकारी के अनुसार हाईवे पर चौकी चौरा, भामला, नौशेरा से आगे नाड़ियां आदि जगहों पर सड़कों पर बंदरों का कब्जा है। कई अंधे और कई तीखे मोड़ है। बंदरों के सड़क पर बैठे होने के कारण ये वाहन से टकरा जाते हैं, उधर चालक भी चकमा खाकर ध्यान खो बैठता है।
रोजाना सड़क पर बंदरों की मौत हो रही है। जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर रोजाना बंदरों की मौत पर वन्यजीव विभाग ने पूरे मार्ग पर जगह जगह बोर्ड लगाए कि इन बंदरों को खाने पीने की वस्तुएं मत दे। कुछ हद तक अंकुश लगा, लेकिन जम्मू से राजोरी तक के 157 किलोमीटर रूट पर कहीं पर भी विभाग ने अपना साइन बोर्ड नहीं लगाया है।
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बंदरों को जंगलों में खाने पीने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ती है, लेकिन सड़कों पर आसानी से खाना मिल जाता है। इससे उनका रहन - सहन भी बिगड़ रहा है। इससे प्रजनन में भी बढ़ोतरी हो रही है।
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जानकारी के अनुसार हाईवे पर चौकी चौरा, भामला, नौशेरा से आगे नाड़ियां आदि जगहों पर सड़कों पर बंदरों का कब्जा है। कई अंधे और कई तीखे मोड़ है। बंदरों के सड़क पर बैठे होने के कारण ये वाहन से टकरा जाते हैं, उधर चालक भी चकमा खाकर ध्यान खो बैठता है।
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रोजाना सड़क पर बंदरों की मौत हो रही है। जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर रोजाना बंदरों की मौत पर वन्यजीव विभाग ने पूरे मार्ग पर जगह जगह बोर्ड लगाए कि इन बंदरों को खाने पीने की वस्तुएं मत दे। कुछ हद तक अंकुश लगा, लेकिन जम्मू से राजोरी तक के 157 किलोमीटर रूट पर कहीं पर भी विभाग ने अपना साइन बोर्ड नहीं लगाया है।
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बंदरों को जंगलों में खाने पीने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ती है, लेकिन सड़कों पर आसानी से खाना मिल जाता है। इससे उनका रहन - सहन भी बिगड़ रहा है। इससे प्रजनन में भी बढ़ोतरी हो रही है।