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Poonch News: दिवाली की खरीदारी में देश की मिट्टी तलाश रहे पुंछ के लोग
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स्वदेशी वस्तुओं की हो रही खरीदारी, प्रधानमंत्री के वोकल फॉर लोकल को मिल रहा है बढ़ावा
संवाद न्यूज एजेंसी
पुंछ। सीमावर्ती जिले पुंछ में भी दिवाली की धूम दिखाई दे रही है। इसके चलते पुंछ के बाजारों में दिवाली की खरीदारी करने वालों की भारी भीड़ है। विशेष कर बड़ी संख्या में महिलाएं बाजारों में दिवाली की पूजा के लिए, सजावट के लिए खरीदारी करती नजर आ रही हैं। वहीं, इस बार लोग भारतीय वस्तुओं की खरीदारी को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसके चलते बाजारों में हाथों से बने सामान और देश में बने सामान की मांग बढ़ गई है।
दिवाली की खरीदारी कर रहे लोगों सोनाली, सीमा, सोनिका, रश्मि, अजय, सुमित, आदि का यह कहना है कि प्रधानमंत्री के आह्वान पर लोग वोकल फॉर लोकल को बढ़ावा देने के लिए अपने देश में बने हुए सामान की खरीदारी करते हैं। वह चाहे किसी भी प्रकार की कोई वस्तु क्यों न हो। चाहे वह पूजा का सामान हो, सजावट का सामान हो या मिट्टी के दीये हों। सभी स्वदेशी समान की ही खरीदारी की जा रही है। क्योंकि, हम अपनी परंपरा को ही महत्व दे रहे हैं। उधर, दुकानदारों अजय कपूर, सुनील कुमार, कर्ण शर्मा का कहना है कि इस बार बाजार में स्वदेशी सामान की काफी अधिक मांग है। हमारे पास काफी वैरायटी भी हैं, जिसके चलते लोगों की मांग को पूरा किया जा रहा है। बाजारों में भारी भीड़ है। काम अच्छा चल रहा है। पुंछ में दशकों से पीढ़ी दर पीढ़ी मिट्टी के दीयों की बिक्री करने वाले मुस्लिम समुदाय के शफीक हुसैन बाबा का कहना है कि हमारा यह पुश्तैनी काम है। बीच में कुछ वर्षों तक चीनी सामान की मांग बढ़ गई थी तो हमारा काम नाम मात्र रह गया था। लेकिन, अब फिर लोग लौटकर इन्हीं मिट्टी के दीयों की ओर आ रहे हैं। हमने इस बार दीयों में भी काफी वैरायटी बनाई हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पुंछ। सीमावर्ती जिले पुंछ में भी दिवाली की धूम दिखाई दे रही है। इसके चलते पुंछ के बाजारों में दिवाली की खरीदारी करने वालों की भारी भीड़ है। विशेष कर बड़ी संख्या में महिलाएं बाजारों में दिवाली की पूजा के लिए, सजावट के लिए खरीदारी करती नजर आ रही हैं। वहीं, इस बार लोग भारतीय वस्तुओं की खरीदारी को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसके चलते बाजारों में हाथों से बने सामान और देश में बने सामान की मांग बढ़ गई है।
दिवाली की खरीदारी कर रहे लोगों सोनाली, सीमा, सोनिका, रश्मि, अजय, सुमित, आदि का यह कहना है कि प्रधानमंत्री के आह्वान पर लोग वोकल फॉर लोकल को बढ़ावा देने के लिए अपने देश में बने हुए सामान की खरीदारी करते हैं। वह चाहे किसी भी प्रकार की कोई वस्तु क्यों न हो। चाहे वह पूजा का सामान हो, सजावट का सामान हो या मिट्टी के दीये हों। सभी स्वदेशी समान की ही खरीदारी की जा रही है। क्योंकि, हम अपनी परंपरा को ही महत्व दे रहे हैं। उधर, दुकानदारों अजय कपूर, सुनील कुमार, कर्ण शर्मा का कहना है कि इस बार बाजार में स्वदेशी सामान की काफी अधिक मांग है। हमारे पास काफी वैरायटी भी हैं, जिसके चलते लोगों की मांग को पूरा किया जा रहा है। बाजारों में भारी भीड़ है। काम अच्छा चल रहा है। पुंछ में दशकों से पीढ़ी दर पीढ़ी मिट्टी के दीयों की बिक्री करने वाले मुस्लिम समुदाय के शफीक हुसैन बाबा का कहना है कि हमारा यह पुश्तैनी काम है। बीच में कुछ वर्षों तक चीनी सामान की मांग बढ़ गई थी तो हमारा काम नाम मात्र रह गया था। लेकिन, अब फिर लोग लौटकर इन्हीं मिट्टी के दीयों की ओर आ रहे हैं। हमने इस बार दीयों में भी काफी वैरायटी बनाई हैं।
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