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Poonch News: डोडा पीर जियारत पर उमड़े हजारों जायरीन, दरबार में लगाई हाजिरी
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-ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहले वार्षिक उर्स मुबारक का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
पुंछ। भारत-पाकिस्तान नियंत्रण रेखा पर समुद्र तल से दस हजार फुट की ऊंचाई पर स्थित डोडा पीर जियारत पर रविवार को ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहला वार्षिक उर्स मुबारक का आयोजन किया गया। इसमें भारतीय सेना के सहयोग से सभी प्रकार की व्यवस्थाएं की गईं। उर्स में प्रदेश के अन्य भागों से भी हजारों की संख्या में जायरीन जियारत पर हाजिरी लगाने पहुंचे। सेना ने सुरक्षा के साथ ही जयरीन के लिए पीने के पानी व खाने की व्यवस्था की। भारी भीड़ को देखते हुए शंख से डोडा पीर तक वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई। जायरीन को चार किलोमीटर पैदल कर जियारत पर पहुंचना पड़ा। जियारत कमेटी के सदस्यों मोहम्मद फारूक, मोहम्मद सदीक, शिराज जिलानी और मोहम्मद बशीर ने कहा कि पिछले ऑपरेशन सिंदूर के दौरान यहां भारी गोलाबारी हुई थी। भारतीय सेना ने पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्र में आतंकी शिविरों व पाकिस्तानी सेना की चौकियों को तबाह किया था। इसके चलते उम्मीद नहीं थी कि उर्स मना पाएंगे, लेकिन भारतीय सेना के सहयोग से उर्स मुबारक मना रहे हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पुंछ। भारत-पाकिस्तान नियंत्रण रेखा पर समुद्र तल से दस हजार फुट की ऊंचाई पर स्थित डोडा पीर जियारत पर रविवार को ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहला वार्षिक उर्स मुबारक का आयोजन किया गया। इसमें भारतीय सेना के सहयोग से सभी प्रकार की व्यवस्थाएं की गईं। उर्स में प्रदेश के अन्य भागों से भी हजारों की संख्या में जायरीन जियारत पर हाजिरी लगाने पहुंचे। सेना ने सुरक्षा के साथ ही जयरीन के लिए पीने के पानी व खाने की व्यवस्था की। भारी भीड़ को देखते हुए शंख से डोडा पीर तक वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई। जायरीन को चार किलोमीटर पैदल कर जियारत पर पहुंचना पड़ा। जियारत कमेटी के सदस्यों मोहम्मद फारूक, मोहम्मद सदीक, शिराज जिलानी और मोहम्मद बशीर ने कहा कि पिछले ऑपरेशन सिंदूर के दौरान यहां भारी गोलाबारी हुई थी। भारतीय सेना ने पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्र में आतंकी शिविरों व पाकिस्तानी सेना की चौकियों को तबाह किया था। इसके चलते उम्मीद नहीं थी कि उर्स मना पाएंगे, लेकिन भारतीय सेना के सहयोग से उर्स मुबारक मना रहे हैं।