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Poonch News: मनुष्य जीवन में ही धर्म मार्ग पर चल कर मिलती है सद्गति
Thu, 07 Sep 2023 02:03 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पुंछ
संवाद न्यूज एजेंसी, पुंछ
Updated Thu, 07 Sep 2023 02:03 AM IST
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कलश यात्रा के साथ ज्ञान गंगा मठ में श्री कृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर श्रीमद्भागवत कथा का आगाज
अटल पीठाधीश्वर स्वामी विश्वात्मानंद सरस्वती महाराज ने संगत को दिखाई जीने की राह
संवाद न्यूज एजेंसी
सुंदरबनी। शरीर तो प्रत्येक योनी में प्राप्त होते हैं, लेकिन मनुष्य शरीर ही है जिसे प्राप्त करके व्यक्ति बुद्धि का प्रयोग करके धर्म मार्ग पर चलकर सद्गति प्राप्त कर सकता है। मोक्ष और परम पद को प्राप्त कर सकता है। यह ज्ञान अटल पीठाधीश्वर स्वामी विश्वात्मानंद सरस्वती महाराज ने बुधवार को ज्ञान गंगा मठ में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के पावन अवसर पर शुरू हुई सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के पहले दिन संगत को दिया।
इससे पहले शाम करीब चार बजे अटल पीठाधीश्वर स्वामी विश्वात्मानंद सरस्वती महाराज द्वारा श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ किया गया। उन्होंने कहा कि यही एक अवसर है जब मनुष्य जीवन को प्राप्त करके जो लोग अपने जीवन को ज्ञान रहित पाप कर्म में एवं अन्य संसार इक विषयों में गंवा देते हैं। उन्हें फिर 84 लाख योनियों का भ्रमण करके मृत्यु तुल्य कष्ट सहने पड़ते हैं। जबकि मनुष्य जन्म को प्राप्त कर जो व्यक्ति सदकर्मों द्वारा धर्म मार्ग को चुनकर परोपकार के कार्य करता है, योग द्वारा एवं अन्य साधनों द्वारा ईश्वर की प्राप्ति के निमित्त लगातार साधना और यत्न करता है वह निश्चय ही इस कलयुग में अपने जीवन को सफल करते हुए परम गति एवं परम पद मोक्ष को प्राप्त होता है।
कथा को शाम सात बजे विश्राम दिया गया। इस दौरान श्रीमद्भागवत की आरती एवं हरि नाम संकीर्तन वैदिक विद्वानों एवं गुरुकुल के छात्रों द्वारा किया गया। वहीं इस अवसर पर सुंदरबनी सहित आसपास के क्षेत्रों से भारी संख्या में ज्ञान गंगा आश्रम मठ के अनुयायियों ने भाग लिया।
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सुंदरबनी में निकाली कलश यात्रा का जगह-जगह हुआ स्वागत
ज्ञान गंगा मठ में श्री कृष्ण जन्मोत्सव के पावन अवसर पर महामंडलेश्वर अटल पीठाधीश्वर स्वामी विश्वात्मानंद सरस्वती महाराज की अध्यक्षता में श्रीमद् भागवत कथा के शुभारंभ से पहले कलश यात्रा निकाली गई। सुबह आठ बजे स्थानीय महिलाएं कलश लेकर शोभायात्रा में शामिल हुईं। यह शोभायात्रा ज्ञान गंगा मठ से शुरू हुई और सुंदरबनी शहर के विभिन्न बाजारों से होते हुए ज्ञान गंगा मठ में आकर संपन्न हुई। कलश यात्रा में कई झांकियां शामिल रहीं, जिन्हें देखने के लिए लोगों की भीड़ लगी रही। जगह-जगह शोभायात्रा का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। प्रशासन की तरफ से भी जोरदार तैयारी की गई थी। नगर पालिका सुंदरबनी की तरफ से पूरे शहर की सड़कों को साफ किया गया था। यातायात रूट को परिवर्तित किया गया था। इस अवसर पर एडीसी विनोद कुमार, थाना प्रभारी राजेश जसरोटिया मुख्य रूप से मौजूद रहे। पूरा शहर भजनों से गूंजता रहा है।
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अटल पीठाधीश्वर स्वामी विश्वात्मानंद सरस्वती महाराज ने संगत को दिखाई जीने की राह
संवाद न्यूज एजेंसी
सुंदरबनी। शरीर तो प्रत्येक योनी में प्राप्त होते हैं, लेकिन मनुष्य शरीर ही है जिसे प्राप्त करके व्यक्ति बुद्धि का प्रयोग करके धर्म मार्ग पर चलकर सद्गति प्राप्त कर सकता है। मोक्ष और परम पद को प्राप्त कर सकता है। यह ज्ञान अटल पीठाधीश्वर स्वामी विश्वात्मानंद सरस्वती महाराज ने बुधवार को ज्ञान गंगा मठ में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के पावन अवसर पर शुरू हुई सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के पहले दिन संगत को दिया।
इससे पहले शाम करीब चार बजे अटल पीठाधीश्वर स्वामी विश्वात्मानंद सरस्वती महाराज द्वारा श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ किया गया। उन्होंने कहा कि यही एक अवसर है जब मनुष्य जीवन को प्राप्त करके जो लोग अपने जीवन को ज्ञान रहित पाप कर्म में एवं अन्य संसार इक विषयों में गंवा देते हैं। उन्हें फिर 84 लाख योनियों का भ्रमण करके मृत्यु तुल्य कष्ट सहने पड़ते हैं। जबकि मनुष्य जन्म को प्राप्त कर जो व्यक्ति सदकर्मों द्वारा धर्म मार्ग को चुनकर परोपकार के कार्य करता है, योग द्वारा एवं अन्य साधनों द्वारा ईश्वर की प्राप्ति के निमित्त लगातार साधना और यत्न करता है वह निश्चय ही इस कलयुग में अपने जीवन को सफल करते हुए परम गति एवं परम पद मोक्ष को प्राप्त होता है।
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कथा को शाम सात बजे विश्राम दिया गया। इस दौरान श्रीमद्भागवत की आरती एवं हरि नाम संकीर्तन वैदिक विद्वानों एवं गुरुकुल के छात्रों द्वारा किया गया। वहीं इस अवसर पर सुंदरबनी सहित आसपास के क्षेत्रों से भारी संख्या में ज्ञान गंगा आश्रम मठ के अनुयायियों ने भाग लिया।
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सुंदरबनी में निकाली कलश यात्रा का जगह-जगह हुआ स्वागत
ज्ञान गंगा मठ में श्री कृष्ण जन्मोत्सव के पावन अवसर पर महामंडलेश्वर अटल पीठाधीश्वर स्वामी विश्वात्मानंद सरस्वती महाराज की अध्यक्षता में श्रीमद् भागवत कथा के शुभारंभ से पहले कलश यात्रा निकाली गई। सुबह आठ बजे स्थानीय महिलाएं कलश लेकर शोभायात्रा में शामिल हुईं। यह शोभायात्रा ज्ञान गंगा मठ से शुरू हुई और सुंदरबनी शहर के विभिन्न बाजारों से होते हुए ज्ञान गंगा मठ में आकर संपन्न हुई। कलश यात्रा में कई झांकियां शामिल रहीं, जिन्हें देखने के लिए लोगों की भीड़ लगी रही। जगह-जगह शोभायात्रा का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। प्रशासन की तरफ से भी जोरदार तैयारी की गई थी। नगर पालिका सुंदरबनी की तरफ से पूरे शहर की सड़कों को साफ किया गया था। यातायात रूट को परिवर्तित किया गया था। इस अवसर पर एडीसी विनोद कुमार, थाना प्रभारी राजेश जसरोटिया मुख्य रूप से मौजूद रहे। पूरा शहर भजनों से गूंजता रहा है।