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पाकिस्तानी गोलाबारी के चलते ढंग से रोजा इफतारी तक नहीं कर पा रहे नियंत्रण रेखा के ग्रामीण
पुंछ में पाकिस्तानी गोलीबारी के दौरान रोजा इफ्तार करते हुए लोग
- फोटो : AMAR UJALA
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शाम ढलते ही पाकिस्तानी सेना ने बनाया बनवत डोकरी को निशाना,रसोई में दुबक कर खोला रोजा पुंछ।पिछले कई महीनों से नियंत्रण रेखा पर अपनी नापाक हरकत को अंजाम दे रही पाकिस्तानी सेना पवित्र रमजान के महीने में भी अपनी नापाक हरकतों से बजा नहीं आ रही है।जिसके चलते इन दिनों नियंत्रण रेखा से सटे ग्रामीण क्षेत्रों के लोग पाकिस्तानी गोलाबारी के चलते लोग ढंग से रोजा इफतारी तक नहीं कर पा रहे हैं।जिसे लेकर ग्रामीणों में पाकिस्तान के खिलाफ भारी रोष व्याप्त है।इन लोगों का कहना हैकि खुद को इसलामीक मुल्क कहने वाले पाकिस्तान की यह हालत हैकि वह हम मुसलमानों को रोजा इफतारी तक करने का मोका नहीं देता है जैसी ही शाम को रोजा इफतारी के लिए खाना बनाने का काम शुरू करते हैं तो पाकिस्तानी सेना हमारे गांव एंव घरों को निशाना बना कर गोलाबारी शुरू कर देती है।जिसके कारण हमें सुरक्षित स्थानों पर पनाह लेनी पड़ती है और बड़ी मुशकिल से जो खाने पीने का सामान पास होता है उससे ही रोजा खोल लेते हैं।रमजान में दिन भर रोजा रखने के बाद पाकिस्तानी गोलाबारी से परेशान गांव बनवत डोकरी निवासी मोहम्मद हुसैन के परिवार को बुधवार को पाकिस्तानी गोलाबारी के चलते इफतारी के लिए खाना पकाने का भी मोका नहीं मिला जिसके चलते उसके परिवार ने अपने घर की सबसे सुरक्षित समझी जाने वाली मिटटी की छत वाली कच्ची रसोई में केवल तरबूज खा कर ही रोजा खोला क्योंकि पाकिस्तानी सेना की तरफ से शाम पांच बजे अचानक शुरू की गई गोलाबारी में कई गोले उनके घरों के आस पास आ कर गिरे जिसके चलते परिवार के सदस्यों ने भाग कर रसोई में पनाह ली और उसके बाद उन्हें बाहर निकलने तक का मोका नहीं मिला की वह घर के दूसरे कमरों में से आनाज और अन्या सामान निकाल कर रसोई में ला कर खाना पका सकें।इतना ही नहीं उन्हें घर के अंदर रखी खजूरें तक उठा कर लाने का मोका नहीं मिला।मोहम्मद हुसैन का कहना हैकि पाकिस्तानी सेना की तरफ से कई दिनों से इसी प्रकार हमारे गांव एंव घरों को निशाना बना कर गोलाबारी की जाती है।जिसके कारण हम लोग सही ढंग से रोजा इफतारी भी नहीं कर सकते हैं।गोलाबारी इतनी जोरदार होती है कि बच्चे मारे डर के बेहोश हो जाते हैं।यहां जिस रसोई में हम बैठे हैं गोलों के धमकों से छत की मिटटी गिरने लगती है।हम लोग बुरी तरह परेशान हैं।हम चाहते हैं पाकिस्तान को एक बार सबक सिखाया जाए। गोलों के धमाकों के बीच मसजिद से होती रही रोजा इफतार करने की घोषणा पुंछ।बुधवार शाम को भी पाकिस्तानी सेना की तरफ से जिले के कस्बा,कीरनी और डोकरी आदि क्षेत्रों में भारी गोलाबारी शुरू की गई जोकि देर रात्री तक जारी रही।इस दोरान शाम सात बज कर बीस मिंट पर गांव बनवत डोकरी में गिर रहे पाकिस्तानी गोलों के धमाकों के बीच गांव की मसजिद से रोजा इफतार करने की इमाम की तरफ से घोषणा की गई।जैसे जैसे घोषणा हो रही थी हजरात रोजा इफतारी का वक्त हो चुका है रोजा इफतार करलें वैसे वैसे पाकिस्तानी सेना की तरफ से बरसाए जा रहे गोलों की आवाजें भी तेजी से बड़ रही थी।
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