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Poonch News: पीरपांचाल के लोगों की एकता ने इस बार भी नाकाम की पाकिस्तान और आतंकियों की नापाक साजिश
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पुंछ। तीन दशकों की ही तरह इस बार भी पीरपंजाल के लोगों की एकता ने पाकिस्तान और आतंकियों की नापाक साजिश को नाकाम बना दिया। साथ ही एक बार फिर पड़ोसी दुश्मन देश को भारतीयों की एकता एवं भाईचारे को दिखा दिया है।
गत तीन दशकों की तरह इस बार भी एक तरफ जहां कुछ माह से आतंकियों द्वारा कश्मीर में हिंदूओं की चिह्नित हत्या की जा रही थी कि किसी तरह से इस प्रकार की हत्याओं ने हिंदूओं को मुस्लिम समुदाय के लोगों के खिलाफ भड़काया जाए और सांप्रदायिक तनाव उत्पन्न किया जाए। जब कश्मीर में हिंदुओं की लक्षित हत्या से आतंकियों के मंसूबे सफल नहीं हुए तो पीर पंजाल के भारत पाकिस्तान नियंत्रण रेखा से सटे राजोरी एवं पुंछ में सांप्रदायिक तनाव पैदा करने के लिए नियंत्रण रेखा के उस पार मौजूद अपने आकाओं के इशारे पर राजोरी के गांव ढांगरी में गोलीबारी और आईईडी हमले से सात हिंदूओं की हत्या को अंजाम दिया गया। इसके पीछे आतंकियों की मंशा इस हत्याकांड से हिंदुओं की भावनाओं को भड़का कर उन्हें मुसलमानों के खिलाफ खड़ा करने की थी।, लेकिन तीन दशकों से आतंकियों की इस प्रकार की घिनौनी मंशा को नाकाम बना रहे पीर पंजाल के लोगों ने एक बा फिर अपनी एकता का परिचय देते हुए न सिर्फ मिल कर ढांगरी हत्याकांड की निंदा की, बल्कि खुलकर उस हत्याकांड के साथ पाकिस्तान और आतंकवाद के खिलाफ एक जुट होकर प्रदर्शन करते हुए सड़कों पर उतर कर केंद्र सरकार के पाकिस्तान और आतंकवाद को समाप्त करने की मांग कर डाली है।
गौरतलब है कि पीर पंजाल में इससे पूर्व भी पाकिस्तान पोषित आतंकियों द्वारा राजोरी के बलजरालां, सुंदरबनी, पुंछ जिले के सुरनकोट, अढ़ी, मंजयाड़ी और मंगनाड़ जैसे गांव में जहां पर हिंदुओं के इक्का-दुक्का परिवार बसते थे। वहां पर हिंदुओं की निर्मम हत्याओं को अंजाम देकर सांप्रदायिक तनाव उत्पन्न करने एवं हिंदू मुस्लिम दंगे कराने के प्रयास किए गए, परंतु आतंकियों को हर बार मुंह की खानी पड़ी।
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जानकारों के अनुसार पाकिस्तानी खूफिया एजेंसी आईएसआई और पाकिस्तानी सेना की तरफ से आतंकियों को अल्पसंख्यक हिंदुओं की हत्याएं करने के समय-समय पर निर्देश दिए जाते रहते हैं। ताकि सांप्रदायिक दंगे भड़का कर न सिर्फ तनाव उत्पन्न किए जाए, बल्कि सांप्रदायिक तनाव उत्पन्न कर बहुसंख्यक समुदाय को अपने समर्थन एवं सहयोग के लिए तैयार किया जाए, लेकिन पीर पंजाल के लोगों को विरासत में मिली एकता एवं भाईचारे की सीख आज भी कम नहीं हो पाई है, जिसके कारण पाकिस्तान और आतंकी हर बार इस प्रकार के नापाक मंसूबों को पूरा करने में नाकाम हो रहे हैं। वह केवल बेगुनाहों का खून बहाने में ही सफल हो पा रहे हैं।
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गत तीन दशकों की तरह इस बार भी एक तरफ जहां कुछ माह से आतंकियों द्वारा कश्मीर में हिंदूओं की चिह्नित हत्या की जा रही थी कि किसी तरह से इस प्रकार की हत्याओं ने हिंदूओं को मुस्लिम समुदाय के लोगों के खिलाफ भड़काया जाए और सांप्रदायिक तनाव उत्पन्न किया जाए। जब कश्मीर में हिंदुओं की लक्षित हत्या से आतंकियों के मंसूबे सफल नहीं हुए तो पीर पंजाल के भारत पाकिस्तान नियंत्रण रेखा से सटे राजोरी एवं पुंछ में सांप्रदायिक तनाव पैदा करने के लिए नियंत्रण रेखा के उस पार मौजूद अपने आकाओं के इशारे पर राजोरी के गांव ढांगरी में गोलीबारी और आईईडी हमले से सात हिंदूओं की हत्या को अंजाम दिया गया। इसके पीछे आतंकियों की मंशा इस हत्याकांड से हिंदुओं की भावनाओं को भड़का कर उन्हें मुसलमानों के खिलाफ खड़ा करने की थी।, लेकिन तीन दशकों से आतंकियों की इस प्रकार की घिनौनी मंशा को नाकाम बना रहे पीर पंजाल के लोगों ने एक बा फिर अपनी एकता का परिचय देते हुए न सिर्फ मिल कर ढांगरी हत्याकांड की निंदा की, बल्कि खुलकर उस हत्याकांड के साथ पाकिस्तान और आतंकवाद के खिलाफ एक जुट होकर प्रदर्शन करते हुए सड़कों पर उतर कर केंद्र सरकार के पाकिस्तान और आतंकवाद को समाप्त करने की मांग कर डाली है।
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गौरतलब है कि पीर पंजाल में इससे पूर्व भी पाकिस्तान पोषित आतंकियों द्वारा राजोरी के बलजरालां, सुंदरबनी, पुंछ जिले के सुरनकोट, अढ़ी, मंजयाड़ी और मंगनाड़ जैसे गांव में जहां पर हिंदुओं के इक्का-दुक्का परिवार बसते थे। वहां पर हिंदुओं की निर्मम हत्याओं को अंजाम देकर सांप्रदायिक तनाव उत्पन्न करने एवं हिंदू मुस्लिम दंगे कराने के प्रयास किए गए, परंतु आतंकियों को हर बार मुंह की खानी पड़ी।
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जानकारों के अनुसार पाकिस्तानी खूफिया एजेंसी आईएसआई और पाकिस्तानी सेना की तरफ से आतंकियों को अल्पसंख्यक हिंदुओं की हत्याएं करने के समय-समय पर निर्देश दिए जाते रहते हैं। ताकि सांप्रदायिक दंगे भड़का कर न सिर्फ तनाव उत्पन्न किए जाए, बल्कि सांप्रदायिक तनाव उत्पन्न कर बहुसंख्यक समुदाय को अपने समर्थन एवं सहयोग के लिए तैयार किया जाए, लेकिन पीर पंजाल के लोगों को विरासत में मिली एकता एवं भाईचारे की सीख आज भी कम नहीं हो पाई है, जिसके कारण पाकिस्तान और आतंकी हर बार इस प्रकार के नापाक मंसूबों को पूरा करने में नाकाम हो रहे हैं। वह केवल बेगुनाहों का खून बहाने में ही सफल हो पा रहे हैं।