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मुगलरोड के अंतिम सात किलोमीटर के इलाके से बर्फ हटाना चुनौतीपूर्ण
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पुंछ जिले की तरफ से मुगलरोड पर बर्फ हटाने में लगी मशीने
- फोटो : POONCH
पुंछ। मुगलरोड से बर्फ हटाने का काम जारी लगातार जारी है। अब तक पुंछ के बफलियाज की तरफ से 35 किलोमीटर तक बर्फ हटाने का काम पूरा कर लिया गया है। बाकी बचे सात किलोमीटर से बर्फ हटाना चुनौतीपूर्ण है। इसमें कुछ स्थानों पर 10से 15 फुट तक बर्फ है।
रत्ता छंब पुल के आगे जहां बर्फ हटाने वाली मशीनों की रफ्तार अचानक धीमी पड़ गई है। पूरे दिन में मात्र तीन से पांच सौ मीटर तक की ही बर्फ हटाई जा रही है। लोक निर्माण विभाग के मेकेनिकल विंग के एईई कमल ज्योति शर्मा ने बताया कि जिन स्थानों में आजकल बर्फ हटाने का काम चल रहा है वह हिमस्खलन वाला इलाका है। आने वाले तीन चार दिनों में बारिश एवं बर्फबारी की संभावना जताई गई है। अगर ऐसा हुआ तो मुगलरोड पर बर्फ हटाने का अभियान प्रभावित होगा। उन्होंने बताया कि आगे के क्षेत्र में काम की रफ्तार और कम हो जाएगी। अभी तक सड़क को 35 किलोमीटर तक साफ कर दिया गया है। विभाग की मशीनों बर्फ को सड़क से हटा कर पहाड़ से नीचे फेंकने का काम कर रही हैं। मानसर क्षेत्र में काम और कठिन हो जाता है। वहां पर एक मशीन पहली सड़क से बर्फ को हटाकर दूसरे पर डालती है। इसके बाद अन्य मशीन उसे उससे और नीचे की सड़क पर डालती हैं। इसके बाद तीसरी मशीन बर्फ को पहाड़ से नीचे फेंकती है। उन्होंने बताया कि एक काम को तीन बार करना पड़ता है। इसलिए काम में देरी होती है।
कमल ज्योति शर्मा ने बताया कि बर्फ के नीचे दबी सड़क को उखड़ने से बचाने के लिए बुलडोजरों का प्रयोग करने से परहेज किया है। ताकि बर्फ हटाने के बाद इस मार्ग पर चलने वाले वाहनों को सही सड़क मिल सके। बुलडोजरों से बर्फ हटाने से सड़क को भी नुकसान पहुंचता है।
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रत्ता छंब पुल के आगे जहां बर्फ हटाने वाली मशीनों की रफ्तार अचानक धीमी पड़ गई है। पूरे दिन में मात्र तीन से पांच सौ मीटर तक की ही बर्फ हटाई जा रही है। लोक निर्माण विभाग के मेकेनिकल विंग के एईई कमल ज्योति शर्मा ने बताया कि जिन स्थानों में आजकल बर्फ हटाने का काम चल रहा है वह हिमस्खलन वाला इलाका है। आने वाले तीन चार दिनों में बारिश एवं बर्फबारी की संभावना जताई गई है। अगर ऐसा हुआ तो मुगलरोड पर बर्फ हटाने का अभियान प्रभावित होगा। उन्होंने बताया कि आगे के क्षेत्र में काम की रफ्तार और कम हो जाएगी। अभी तक सड़क को 35 किलोमीटर तक साफ कर दिया गया है। विभाग की मशीनों बर्फ को सड़क से हटा कर पहाड़ से नीचे फेंकने का काम कर रही हैं। मानसर क्षेत्र में काम और कठिन हो जाता है। वहां पर एक मशीन पहली सड़क से बर्फ को हटाकर दूसरे पर डालती है। इसके बाद अन्य मशीन उसे उससे और नीचे की सड़क पर डालती हैं। इसके बाद तीसरी मशीन बर्फ को पहाड़ से नीचे फेंकती है। उन्होंने बताया कि एक काम को तीन बार करना पड़ता है। इसलिए काम में देरी होती है।
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कमल ज्योति शर्मा ने बताया कि बर्फ के नीचे दबी सड़क को उखड़ने से बचाने के लिए बुलडोजरों का प्रयोग करने से परहेज किया है। ताकि बर्फ हटाने के बाद इस मार्ग पर चलने वाले वाहनों को सही सड़क मिल सके। बुलडोजरों से बर्फ हटाने से सड़क को भी नुकसान पहुंचता है।
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