फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Poonch News ›   education

11महीने बाद खुले 9 वीं से 12 तक के स्कूल पहले दिन स्कूलों में कम संख्या में विद्यार्थी पहुंचें

विज्ञापन
education
पुंछ जिले के छात्रा हायर स्कैंड्री स्कूल मेंढर में 11महीने बाद कक्षा में उपस्थित छात्राएं - फोटो : POONCH
पुंछ। जिले में करीब 11 माह बाद सभी स्कूलों को कक्षा 9वीं से 12वीं तक के लिए खोल दिया गया। इसके चलते पहले दिन जिले के शहरी क्षेत्रों के स्कूलों में इक्का दुक्का ही विद्यार्थी पहुंचे। इसके कारण स्कूलों में पढ़ने-पढ़ाने का काम शुरू नहीं हो सका। जबकि ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में 35 से 40 प्रतिशत तक छात्र छात्राएं पहले ही दिन अपनी कक्षाओं में उपस्थित हुई। जहां थोड़ा बहुत पढ़ने पढ़ाने का काम भी हुआ।
विज्ञापन

सोमवार को पहले दिन सभी सरकारी एवं गैर सरकारी स्कूलों में तैनात सभी शिक्षक समय पर स्कूलों में पहुंच गए थे और स्कूल बंद होने तक स्कूलों में ही मौजूद रहे। 11 माह बाद स्कूलों के खुलने पर प्रशासन एवं शिक्षा विभाग की तरफ से दिए गए निर्देशों का पालन करने हुए सभी स्कूलों में कोरोना से बचाव के सभी उपायों को अपनाया गया था। जहां स्कूलों पहुंचने वाले शिक्षकों के साथ ही आने वाले थोड़े बहुत विद्यार्थी मास्क पहने हुए थे। स्कूलों के प्रवेश द्वार के पास चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को सैनिटाइजर के साथ तैनात किया गया था। जो स्कूलों में प्रवेश करने वालों के हाथ सैनिटाइज करा कर उन्हें आगे बढ़ने दे रहे थे।
विज्ञापन

ग्रामीण क्षेत्रों में जहां आज कक्षाएं लगाई गई वहां पर विद्यार्थियों को सामाजिक दूरी के आधार पर एक-एक डेस्क पर एक-एक विद्यार्थी को बिठाया गया। इतने समय बाद स्कूल खुलने पर स्कूलों में जो विद्यार्थी पहुंचे थे वह काफी खुश दिखाई दे रहे थे। उधर पहले दिन शहरी स्कूलों में नाममात्र विद्यार्थियों के पहुंचने पर कुछ शिक्षकों का मानना था कि इतने अरसे बाद स्कूल खुले हैं तो विद्यार्थियों के अभिभावकों ने यह सोच कर बच्चों को स्कूल नहीं भेजा होगा कि आज स्कूलों में सैनिटाइजेशन और साफ सफाई का काम हो रहा होगा। वैसे भी कोरोना महामारी के बाद स्कूल खुलने पर बच्चो की पूरी तरह उपस्थिति में दो चार दिन का समय लगेगा। वहीं स्कूल खुलने पर विद्यार्थियों के माता-पिता भी काफी खुश हैं, परंतु अधिकतर माता-पिता का यही कहना है कि अभी वह एक-दो दिन अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे। इस दौरान हम स्कूलों में कोरोना संक्रमण से बचाव के प्रबंध देखेंगे और पूरी तरह संतुष्टी करने के बाद ही बच्चों को स्कूल भेजेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed