{"_id":"636ab3f21525bd4f7d2c1271","slug":"cultural-poonch-news-jmu2718723137","type":"story","status":"publish","title_hn":"गुरुनानक देव के जीवन एवं उनकी शिक्षाओं की जानकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गुरुनानक देव के जीवन एवं उनकी शिक्षाओं की जानकारी
विज्ञापन
पुंछ में गुरू नानक देव प्रकाशोत्सव के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में रागी जत्था कीर्तनकरता
- फोटो : POONCH
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पुंछ। कार्तिक पूर्णिमा पर मंगलवार को सिख पंथ के पहले गुरु श्री गुरु नानक देव का प्रकाशोत्सव बडे़ ही हर्षोल्लास से मनाया गया। इस अवसर पर गुरुद्वारों में तीन दिन पूर्व शुरू किए गए गुरुग्रंथ साहब के अखंडपाठों का भोग डाला गया, एवं शबद कीर्तन दरबार सजाए गए। इनमें संगत ने गुरुवाणी का श्रवण करते हुए गुरुनानक देव के जीवन एवं उनकी शिक्षाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की।
गुरु नानक देव प्रकाशोत्सव का मुख्य आयोजन गुरुद्वारा सिंह सभा में जिला गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की तरफ से आयोजित किया गया। इसमें हजारों की संख्या में सिख समुदाय की महिलाओं, पुरुषों, बुजुर्गों, बच्चों एवं युवाओं ने भाग लिया। समारोह की अध्यक्षता जिला गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान सरदार नरेंद्र सिंह और सचिव रविंद्र सिंह ने की। जबकि डेरा संतपुरा नंगाली साहब के महंत संत भाई मंजीत सिंह और उपायुक्त इंद्रजीत मुख्य अतिथि उपस्थित हुए। गुरुद्वारा सिंह सभा में सुबह नौ बजे अखंड पाठ का भोग डाला गया। इसकी अरदास के उपरांत विशेष दीवान सजाया गया। इसमें जिले के स्थानीय रागी जत्थों के साथ ही अमृतसर से विशेष बुलाए गए रागी जत्थों ने गुरुवाणी पर आधारित शबद का गायन करते हुए संगत को निहाल किया।
सिख विद्वानों ने गुरुनानक देव के जीवन एवं उनकी सभी धर्मों के अनुयायियों के लिए दी गई शिक्षाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा गुरुनानक देव ने जहां मानवता की बात की वहीं उन्होंने एकता एवं भाईचारे की भी बात की है। उन्होंने हर धर्म विशेष तौर पर हिंदू एवं मुस्लिमों को अपने-अपने धर्म का सही प्रकार पालन करने के कहा। कहा कि जब वह अपने-अपनेे धर्म का सही प्रकार पालन करेंगे तो वह दूसरे धर्म का भी सम्मान करेंगे। इससे सांप्रदायिक सौहार्द बढ़ेगा। आज दुनियां में एकता एवं भाईचारे को मजबूत करने के लिए गुरुनानक देव के बताए मार्ग पर चलने और उनकी शिक्षाओं को जीवन में उतारने की जरूरत है। इस अवसर पर गुरुद्वारा अहाता साहब में लंगर का भी आयोजन किया गया।
विज्ञापन
सुरनकोट में राष्ट्रीय राइफल दराबा बटालियन ने मनाया प्रकाशोत्सव मनाया
पुंछ। जिले भर में जहां सिख समुदाय की तरफ से गुरुनानक देव का प्रकाशोत्सव मनाया गया। वहीं मंगलवार को सुरनकोट तहसील में रोमियो फोर्स के अधीनस्थ्य तैनात राष्ट्रीय राइफल दराबा बटालियन की तरफ से मुख्यालय में गुरुनानक देव प्रकाशोत्सव का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में अधिकारियों, जवानों और ग्रामीणों ने भाग लिया।
इस अवसर पर सर्वप्रथम दराबा बटालियन के सर्वधर्म स्थल में तीन दिनों से चल रहे गुरुग्रंथ साहिब के अखंड पाठ का भोग डाला गया। इसके उपरांत रागी जत्थे ने गुरुवाणी और शबद का गायन किया। बटालियन के अधिकारियों और क्षेत्र के गण्यमान्य लोगों एवं सिख पंथ के जानकारों ने गुरुनानक देव के जीवन पर प्रकाश डालते हुए विचार रखते हुए दराबा बटालियन का आभार प्रकट किया। कहा कि बटालियन की तरफ से हर त्योहार एवं पर्व पर इसी प्रकार का आयोजन किया जाता है। इससे एक तरफ जहां हर धर्म समुदाय के लोगों को एक दूसरे के महापुरुषों के जीवन एवं उनकी शिक्षाओं के बारे में जानकारी प्राप्त होती है। इन आयोजनों से सांप्रदायिक सौहार्द एवं राष्ट्रीय एकता को बल मिलता है। गुरुनानक देव प्रकाशोत्सव के उपलक्ष्य में दराबा बटालियन की तरफ से गुरु के लंगर का भी आयोजन किया गया।
विज्ञापन
गुरु नानक देव प्रकाशोत्सव का मुख्य आयोजन गुरुद्वारा सिंह सभा में जिला गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की तरफ से आयोजित किया गया। इसमें हजारों की संख्या में सिख समुदाय की महिलाओं, पुरुषों, बुजुर्गों, बच्चों एवं युवाओं ने भाग लिया। समारोह की अध्यक्षता जिला गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान सरदार नरेंद्र सिंह और सचिव रविंद्र सिंह ने की। जबकि डेरा संतपुरा नंगाली साहब के महंत संत भाई मंजीत सिंह और उपायुक्त इंद्रजीत मुख्य अतिथि उपस्थित हुए। गुरुद्वारा सिंह सभा में सुबह नौ बजे अखंड पाठ का भोग डाला गया। इसकी अरदास के उपरांत विशेष दीवान सजाया गया। इसमें जिले के स्थानीय रागी जत्थों के साथ ही अमृतसर से विशेष बुलाए गए रागी जत्थों ने गुरुवाणी पर आधारित शबद का गायन करते हुए संगत को निहाल किया।
विज्ञापन
सिख विद्वानों ने गुरुनानक देव के जीवन एवं उनकी सभी धर्मों के अनुयायियों के लिए दी गई शिक्षाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा गुरुनानक देव ने जहां मानवता की बात की वहीं उन्होंने एकता एवं भाईचारे की भी बात की है। उन्होंने हर धर्म विशेष तौर पर हिंदू एवं मुस्लिमों को अपने-अपने धर्म का सही प्रकार पालन करने के कहा। कहा कि जब वह अपने-अपनेे धर्म का सही प्रकार पालन करेंगे तो वह दूसरे धर्म का भी सम्मान करेंगे। इससे सांप्रदायिक सौहार्द बढ़ेगा। आज दुनियां में एकता एवं भाईचारे को मजबूत करने के लिए गुरुनानक देव के बताए मार्ग पर चलने और उनकी शिक्षाओं को जीवन में उतारने की जरूरत है। इस अवसर पर गुरुद्वारा अहाता साहब में लंगर का भी आयोजन किया गया।
विज्ञापन
सुरनकोट में राष्ट्रीय राइफल दराबा बटालियन ने मनाया प्रकाशोत्सव मनाया
पुंछ। जिले भर में जहां सिख समुदाय की तरफ से गुरुनानक देव का प्रकाशोत्सव मनाया गया। वहीं मंगलवार को सुरनकोट तहसील में रोमियो फोर्स के अधीनस्थ्य तैनात राष्ट्रीय राइफल दराबा बटालियन की तरफ से मुख्यालय में गुरुनानक देव प्रकाशोत्सव का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में अधिकारियों, जवानों और ग्रामीणों ने भाग लिया।
इस अवसर पर सर्वप्रथम दराबा बटालियन के सर्वधर्म स्थल में तीन दिनों से चल रहे गुरुग्रंथ साहिब के अखंड पाठ का भोग डाला गया। इसके उपरांत रागी जत्थे ने गुरुवाणी और शबद का गायन किया। बटालियन के अधिकारियों और क्षेत्र के गण्यमान्य लोगों एवं सिख पंथ के जानकारों ने गुरुनानक देव के जीवन पर प्रकाश डालते हुए विचार रखते हुए दराबा बटालियन का आभार प्रकट किया। कहा कि बटालियन की तरफ से हर त्योहार एवं पर्व पर इसी प्रकार का आयोजन किया जाता है। इससे एक तरफ जहां हर धर्म समुदाय के लोगों को एक दूसरे के महापुरुषों के जीवन एवं उनकी शिक्षाओं के बारे में जानकारी प्राप्त होती है। इन आयोजनों से सांप्रदायिक सौहार्द एवं राष्ट्रीय एकता को बल मिलता है। गुरुनानक देव प्रकाशोत्सव के उपलक्ष्य में दराबा बटालियन की तरफ से गुरु के लंगर का भी आयोजन किया गया।