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चमरेड़ आतंकी हमले में सेना के दो पोर्टर हिरासत में लिए
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पुंछ। पुंछ-राजोरी जिलों के सीमाक्षेत्र पर स्थित चमरेड़ के जंगल में सैन्य टुकड़ी पर घात लगाकर किए गए हमले में हाथ होने के शक में सेना के दो पोर्टर हिरासत में लिए गए हैं। सेना की 16 आरआर ने दोनाें पोर्टरों से पूछताछ की और फिर उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया। चमरेड़ में 11 अक्तूबर तड़के हुए हमले में जेसीओ समेत सेना के पांच जवान शहीद हो गए थे। इस मामले में दर्ज एफआईआर के सिलसिले में ही दोनों को हिरासत में लिया गया है।
पुलिस के हवाले किए गए पोर्टरों मस्तानदरा सुरनकोट के रहने वाले हैं। पुलिस मामले की जांच कर चमरेड़ आतंकी हमले का पूरी तरह पता लगाएगी। पुलिस के हवाले किए गए दोनों पोर्टर 16 आरआर की देरागली में तैनात कंपनी के साथ काम कर रहे थे। हमले के बाद से इन दोनों पर शक गहरा रहा था। प्रारंभिक पूछताछ में भी इन दोनों का व्यवहार और बातें संदिग्ध पाई गई हैं। गौरतलब है कि सुरनकोट का मस्तानदरा क्षेत्र जिले में आतंकवाद के दौर में आतंकियों का बड़ा गढ़ था। यहां दर्जनों आतंकी सक्रिय थे। उधर पांच जवानों की हत्या के लिए साजिश रचने के आरोप में सेना के साथ पोर्टर का काम करने वाले युवकों का पकड़ा जाना चिंता का विषय है। क्योंकि सेना के साथ काम करने वाले पोर्टर सेना के जवानों की ही तरह सेना के अभिन्न अंग के तौर पर सैन्य शिविरों में मौजूद रहते हैं।
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पुलिस के हवाले किए गए पोर्टरों मस्तानदरा सुरनकोट के रहने वाले हैं। पुलिस मामले की जांच कर चमरेड़ आतंकी हमले का पूरी तरह पता लगाएगी। पुलिस के हवाले किए गए दोनों पोर्टर 16 आरआर की देरागली में तैनात कंपनी के साथ काम कर रहे थे। हमले के बाद से इन दोनों पर शक गहरा रहा था। प्रारंभिक पूछताछ में भी इन दोनों का व्यवहार और बातें संदिग्ध पाई गई हैं। गौरतलब है कि सुरनकोट का मस्तानदरा क्षेत्र जिले में आतंकवाद के दौर में आतंकियों का बड़ा गढ़ था। यहां दर्जनों आतंकी सक्रिय थे। उधर पांच जवानों की हत्या के लिए साजिश रचने के आरोप में सेना के साथ पोर्टर का काम करने वाले युवकों का पकड़ा जाना चिंता का विषय है। क्योंकि सेना के साथ काम करने वाले पोर्टर सेना के जवानों की ही तरह सेना के अभिन्न अंग के तौर पर सैन्य शिविरों में मौजूद रहते हैं।
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