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Poonch News: थन्नामंडी में घर की छत से गिरा डेढ़ वर्षीय मासूम, अस्पताल में नहीं मिला कोई डॉक्टर
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राजोरी। जिले के थन्नामंडी मे शुक्रवार दोपहर बाद करीब 2 बजे डेढ़ साल का मासूम घर की दूसरी मंजिल से गिर पड़ा। परिवार के लोग मासूम को अस्पताल ले गए तो वहां कोई डॉक्टर नहीं था। इस पर गुस्साए लोगों ने अस्पताल के बाहर प्रदर्शन किया। करीब 2 घंटे तक इंतज़ार करने के बाद भी डॉक्टर न आने से बच्चे को अपने स्तर पर जीएमसी राजोेरी शिफ्ट किया गया। लोगों ने जिला प्रशासन और एलजी प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि थन्नामंडी के सरकारी अस्पताल मे तैनात डॉक्टरोे के खिलाफ कार्रवाई की जाए जो ड्यूटी के समय भी गैर हाजिर रहते हैं।
जानकारी के डेढ़ वर्षीय आमद खान पुत्र रमीज़ खान अपने घर की दूसरी मंज़िल से गिर पड़ा और बेहोश हो गया। परिजनों ने इमरजेंसी हालात में उसे थन्नामंडी के सरकारी अस्पताल पहुंचाया। यहां कोई डॉक्टर नहीं था। काफ़ी समय तक इंतजार करते रहे लेकिन न तो कोई डॉक्टर आया और न किसी ने बच्चे की जांच की। इस पर भड़के परिजनों ने थन्नामंडी के सरकारी अस्पताल के बाहर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। स्वास्थ्य विभाग, स्थानीय प्रशासन और डॉक्टरोें के खिलाफ नारेबाजी की।
वहीं गुस्साए परिजनों ने बताया कि थन्नामंडी के सरकारी अस्पताल में अकसर ऐसे ही हालात देखने को मिलते हैं। यहां कोई इमरजेंसी के वक्त न तो डॉक्टर उपलब्ध होते हैं और न ही कोई जांच के लिए कर्मचारी मिलता है। यहां के लोगोें को भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है। वहीं उन्होंने जिला प्रशासन और एलजी प्रशासन से गैर हाजिर डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। करीब 2 घंटे तक इंतज़ार करने के बाद भी डॉक्टर के उपलब्ध न होने पर बच्चे को अपने स्तर पर जीएमसी राजोेरी शिफ्ट किया गया।
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जानकारी के डेढ़ वर्षीय आमद खान पुत्र रमीज़ खान अपने घर की दूसरी मंज़िल से गिर पड़ा और बेहोश हो गया। परिजनों ने इमरजेंसी हालात में उसे थन्नामंडी के सरकारी अस्पताल पहुंचाया। यहां कोई डॉक्टर नहीं था। काफ़ी समय तक इंतजार करते रहे लेकिन न तो कोई डॉक्टर आया और न किसी ने बच्चे की जांच की। इस पर भड़के परिजनों ने थन्नामंडी के सरकारी अस्पताल के बाहर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। स्वास्थ्य विभाग, स्थानीय प्रशासन और डॉक्टरोें के खिलाफ नारेबाजी की।
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वहीं गुस्साए परिजनों ने बताया कि थन्नामंडी के सरकारी अस्पताल में अकसर ऐसे ही हालात देखने को मिलते हैं। यहां कोई इमरजेंसी के वक्त न तो डॉक्टर उपलब्ध होते हैं और न ही कोई जांच के लिए कर्मचारी मिलता है। यहां के लोगोें को भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है। वहीं उन्होंने जिला प्रशासन और एलजी प्रशासन से गैर हाजिर डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। करीब 2 घंटे तक इंतज़ार करने के बाद भी डॉक्टर के उपलब्ध न होने पर बच्चे को अपने स्तर पर जीएमसी राजोेरी शिफ्ट किया गया।
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