{"_id":"61a7103976fec95c286878ee","slug":"agitaion-poonch-news-jmu248917773","type":"story","status":"publish","title_hn":"रैहबरे खेल ऐसोसिएशन ने उपराज्यपाल से उन्हें नियमित करने की लगाई गुहार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रैहबरे खेल ऐसोसिएशन ने उपराज्यपाल से उन्हें नियमित करने की लगाई गुहार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पुंछ। रहबर-ए-खेल एसोसिएशन ने मंगलवार को उपराज्यपाल से रहबर-ए-खेल कर्मचारियों को नियमित करने की गुहार लगाई। रहबर-ए-खेल कर्मचारियों के साथ हो रहे भेदभाव एवं उनकी परेशानियों को उजागर करते हुए आरोप लगाया कि एक तरफ जहां दिन भर मजदूरी करने वाले को सात से आठ सौ रुपये प्रतिदिन दिया जाता है। वहीं एक उच्च शिक्षा प्राप्त रहबर-ए-खेल कर्मचारी को दिन भर सेवाएं देने के बदले मात्र सौ रुपये प्राप्त होता है।
कहने को तो सरकार की तरफ से रहबर-ए-खेल शिक्षकों को तीन सौ रुपये प्रतिदिन प्रदान किया जाता है, परंतु हर शिक्षक को स्कूल आने जाने में दो रुपये खर्च करने पड़ते हैं। उन्हें तीन सौ में से मात्र सौ रुपये प्रति दिन ही हासिल होता है। जो पढ़े लिखे युवाओं के साथ अन्याय एवं उन पर अत्याचार है।
एसोसिएशन ने अपने साथ हो रहे इस अन्याय के खिलाफ सड़कों पर उतरने की धमकी देते हुए कहा कि अगर जल्दी उन्हें नियमित न किया गया तो वह आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। मंगलवार दोपहर को रहबर-ए-तालीम शिक्षक एसोसिएशन की तरफ से प्रेसवार्ता की गई। एसोसिएशन के प्रवक्ता परवेज मलिक अफरीदी ने रहबर-ए-तालीम शिक्षकों को पेश आ रही परेशानियों को उजागर करते हुए उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से आग्रह किया कि वह रहबर-ए-तालीम शिक्षकों को नियमित करें। क्योंकि उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद तीन वर्षों से सरकारी शिक्षा संस्थानों में सेवाएं देने के बाद भी उन्हें नियमित नहीं किया गया है। न ही उनका मानदेय ही बढ़ाया गया है। इसके कारण हम लोगों का जीवन यापन करना भी कठिन हो रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
कहने को तो सरकार की तरफ से रहबर-ए-खेल शिक्षकों को तीन सौ रुपये प्रतिदिन प्रदान किया जाता है, परंतु हर शिक्षक को स्कूल आने जाने में दो रुपये खर्च करने पड़ते हैं। उन्हें तीन सौ में से मात्र सौ रुपये प्रति दिन ही हासिल होता है। जो पढ़े लिखे युवाओं के साथ अन्याय एवं उन पर अत्याचार है।
विज्ञापन
एसोसिएशन ने अपने साथ हो रहे इस अन्याय के खिलाफ सड़कों पर उतरने की धमकी देते हुए कहा कि अगर जल्दी उन्हें नियमित न किया गया तो वह आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। मंगलवार दोपहर को रहबर-ए-तालीम शिक्षक एसोसिएशन की तरफ से प्रेसवार्ता की गई। एसोसिएशन के प्रवक्ता परवेज मलिक अफरीदी ने रहबर-ए-तालीम शिक्षकों को पेश आ रही परेशानियों को उजागर करते हुए उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से आग्रह किया कि वह रहबर-ए-तालीम शिक्षकों को नियमित करें। क्योंकि उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद तीन वर्षों से सरकारी शिक्षा संस्थानों में सेवाएं देने के बाद भी उन्हें नियमित नहीं किया गया है। न ही उनका मानदेय ही बढ़ाया गया है। इसके कारण हम लोगों का जीवन यापन करना भी कठिन हो रहा है।
विज्ञापन