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मुगलमाड़ा पर कभी बरसती थी शहंशाहों की कृपा
Punch
Updated Tue, 22 Oct 2013 05:42 AM IST
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पुंछ। सोमवार को सुरनकोट तहसील मुख्यालय पर सामाजिक संगठन अवेक इंडिया और माड़ा डेवेलपमेंट फोरम की तरफ से एक बैठक का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में गांव मुगलमाड़ा निवासियों ने भाग लिया। इस बैठक की अध्यक्षता करते हुए अवेक इंडिया के चेयरमैन अयाज मुगल ने मुगलमाड़ा के लोगों की समस्याओं पर कहा कि हमें दुख है कि आज तक राज्य की सत्ता चलाने वाली किसी भी सरकार ने मुगलमाड़ा के विकास की तरफ ध्यान नहीं दिया है। यहां सबसे बड़ी कठिनाई गांव तक सड़क न होने के कारण पेश आती है।
मुगल ने कहा कि कभी मुगल बादशाहों का विशेष कृपापात्र रहा गांव मुगलमाड़ा आज प्रशासनिक अनदेशी का शिकार है। इसके कारण गांव के लोगों को हर दिन कई किलोमीटर पैदल चलने के बाद गाड़ियां पकड़कर दूसरे स्थानों पर आना-जाना पड़ता है। इसलिए हम सरकार से मांग करते हैं कि गांव तक पक्की सड़क का निर्माण करवाया जाए। लोहे के झूला पुल को भी वहां से उठाकर सैलां में लगाया जाएं।
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मुगल ने कहा कि कभी मुगल बादशाहों का विशेष कृपापात्र रहा गांव मुगलमाड़ा आज प्रशासनिक अनदेशी का शिकार है। इसके कारण गांव के लोगों को हर दिन कई किलोमीटर पैदल चलने के बाद गाड़ियां पकड़कर दूसरे स्थानों पर आना-जाना पड़ता है। इसलिए हम सरकार से मांग करते हैं कि गांव तक पक्की सड़क का निर्माण करवाया जाए। लोहे के झूला पुल को भी वहां से उठाकर सैलां में लगाया जाएं।
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