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किरनी में पाक सेना की साजिश नाकाम
Punch
Updated Fri, 11 Oct 2013 05:40 AM IST
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पुंछ। जिले के ग्रामीणों और सेना के जवानों ने पाकिस्तानी सेना और आतंकियों की एक और साजिश को नाकाम कर दिया। एक घर के पास लगाए गए पांच आईईडी बरामद कर उन्हें निष्क्रिय कर दिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। इसके बाद सेना ने क्षेत्र में घंटों तलाशी अभियान चलाया।
जानकारी के अनुसार वीरवार सुबह करीब 10बजे भारत-पाक नियंत्रण रेखा के किरनी सेक्टर में फेंसिंग के आगे बसे गांव काईयां निवासी मोहम्मद हुसैन पुत्र वजीर हुसैन ने अपने घर के आसपास कुछ दूरी पर पांच संदिग्ध वस्तुएं देखी, तो तत्काल सेना के अधिकारियों को जानकारी दी। दोपहर को सेना ने मोहम्मद हुसैन के घर के आसपास के क्षेत्र को घेरकर जांच की, तो पाया कि वहां पांच आईईडी लगे हैं। उन्हें बरामद करने के बाद निष्क्रिय कर दिया। इससे एक बड़ा हादसा टल गया। जिस जगह आईईडी लगाए गए थे, उस क्षेत्र से सेना की अग्रिम चौकियों की तरफ आवाजाही भी होती है। ग्रामीणों का मुख्य भी मार्ग है। आशंका जताई जा रही है कि बैट टीम ने इन आईईडी को लगाने का काम किया होगा, क्योंकि नियंत्रण रेखा पर पिछले एक महीने से अधिक समय से जारी गोलाबारी के चलते सेना के जवानों द्वारा बंकरों के भीतर से ही मोर्चा संभाला जा रहा है, जिसका बैट टीम ने लाभ उठाते हुए साजिश की होगी। इसको लेकर कोई भी सैन्य अधिकारी कुछ कहने को तैयार नहीं है।
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जानकारी के अनुसार वीरवार सुबह करीब 10बजे भारत-पाक नियंत्रण रेखा के किरनी सेक्टर में फेंसिंग के आगे बसे गांव काईयां निवासी मोहम्मद हुसैन पुत्र वजीर हुसैन ने अपने घर के आसपास कुछ दूरी पर पांच संदिग्ध वस्तुएं देखी, तो तत्काल सेना के अधिकारियों को जानकारी दी। दोपहर को सेना ने मोहम्मद हुसैन के घर के आसपास के क्षेत्र को घेरकर जांच की, तो पाया कि वहां पांच आईईडी लगे हैं। उन्हें बरामद करने के बाद निष्क्रिय कर दिया। इससे एक बड़ा हादसा टल गया। जिस जगह आईईडी लगाए गए थे, उस क्षेत्र से सेना की अग्रिम चौकियों की तरफ आवाजाही भी होती है। ग्रामीणों का मुख्य भी मार्ग है। आशंका जताई जा रही है कि बैट टीम ने इन आईईडी को लगाने का काम किया होगा, क्योंकि नियंत्रण रेखा पर पिछले एक महीने से अधिक समय से जारी गोलाबारी के चलते सेना के जवानों द्वारा बंकरों के भीतर से ही मोर्चा संभाला जा रहा है, जिसका बैट टीम ने लाभ उठाते हुए साजिश की होगी। इसको लेकर कोई भी सैन्य अधिकारी कुछ कहने को तैयार नहीं है।
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