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ग्रामीणों ने सेना के प्रयास को सराहा
Punch
Updated Wed, 18 Sep 2013 05:38 AM IST
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पुंछ। भारतीय फौज आवाम के लिए आवाम के साथ। यह बात मंगलवार को साबित हो गई। यह कहना है गांव डेरी डिब्सी निवासी मोहम्मद अफजल और इमरान का, जो सेना के काम की तारीफ करते नहीं थकते हैं।
लोगों का कहना है कि सोमवार देर रात से ही पाक सेना की तरफ से भारतीय सेना की चौकियों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भारी गोलाबारी की जा रही थी। मंगलवार दोपहर करीब दो बजे गांव निवासी मोहम्मद ताज खेतों में बंधे पशुओं को खोल कर बाड़े में पहुंचाने के लिए निकला कि सीमा पार से दागा गया एक मोर्टार उसके कुछ दूरी पर फटा, जिसके टुकडे़ लगने से वह घायल हो गया। इसका जैसे ही गांव के बाहर तैनात सेना की 5 ग्रेनेडियर के अधिकारियों और जवानों को पता चला, तो वह पाक सेना द्वारा की जा रही गोलाबारी के बीच अपनी जान की परवाह किए बिना घायल ताज के घर पहुंचे। उन्होंने उसका प्राथमिक उपचार किया।
इसके बाद उसकी हालत गंभीर देखते हुए गोलाबारी के बीच ही गांव से मेंढर कसबा स्थित उप जिला अस्पताल ले गए। भारतीय सेना के इस साहस और दरियादिली ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सही मायने में भारतीय फौज आवाम के लिए है।
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लोगों का कहना है कि सोमवार देर रात से ही पाक सेना की तरफ से भारतीय सेना की चौकियों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भारी गोलाबारी की जा रही थी। मंगलवार दोपहर करीब दो बजे गांव निवासी मोहम्मद ताज खेतों में बंधे पशुओं को खोल कर बाड़े में पहुंचाने के लिए निकला कि सीमा पार से दागा गया एक मोर्टार उसके कुछ दूरी पर फटा, जिसके टुकडे़ लगने से वह घायल हो गया। इसका जैसे ही गांव के बाहर तैनात सेना की 5 ग्रेनेडियर के अधिकारियों और जवानों को पता चला, तो वह पाक सेना द्वारा की जा रही गोलाबारी के बीच अपनी जान की परवाह किए बिना घायल ताज के घर पहुंचे। उन्होंने उसका प्राथमिक उपचार किया।
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इसके बाद उसकी हालत गंभीर देखते हुए गोलाबारी के बीच ही गांव से मेंढर कसबा स्थित उप जिला अस्पताल ले गए। भारतीय सेना के इस साहस और दरियादिली ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सही मायने में भारतीय फौज आवाम के लिए है।
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